मानवता की मिसाल : मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने बचायी बुज़ुर्ग की जान

सिविल सर्जन से फ़ोन पर बात कर बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया.

जामताड़ा. रांची से जामताड़ा लौटने के क्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने काफिले को गोविंदपुर में अचानक रोका, जहां दृश्य बेहद विचलित करने वाला था. सड़क के किनारे एक लहूलुहान बूढ़े व्यक्ति दर्द से कराहते हुए पड़े थे. जिसका नाम था सुलेमान अंसारी. लोग आते-जाते रहे, गाड़ियां रफ्तार से निकलती रहीं, लेकिन किसी ने भी नहीं सोचा कि रुककर देखें कि ये बुज़ुर्ग ठीक हैं भी या नहीं. कोई मदद करने को तैयार नहीं था. लेकिन मंत्री डॉ इरफान अंसारी की नज़र जैसे ही उन पर पड़ी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपना काफिला रुकवाया. वे खुद वाहन से उतरे, सुलेमान अंसारी को अपने हाथों से उठाया और तुरंत प्राथमिक उपचार करवाया. इसके बाद उन्होंने उन्हें गाड़ी प्रबंध कर धनबाद सदर अस्पताल भेजा. सिविल सर्जन से फ़ोन पर बात कर बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया. साथ ही मंत्री ने आर्थिक मदद भी दी और परिवार को आश्वासन दिया कि इलाज, सहयोग और जरूरत की हर मदद उन्हें दी जाएगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By MANOJ KUMAR

MANOJ KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >