मैथन-पंचेत डैम पर मंडराया बाढ़ का खतरा:50 हजार क्यूसेक पार होते ही येलो अलर्ट

दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) ने मैथन और पंचेत डैम से संभावित बाढ़ को लेकर येलो फ्लड वार्निंग जारी की है. 50 हजार क्यूसेक से अधिक संयुक्त जलप्रवाह की स्थिति बनने पर निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया जाएगा. संबंधित प्रशासनिक और तकनीकी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.

संवाददाता, जामताड़ा. दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के मैथन स्थित दामोदर वैली रिजर्वायर फ्लड रूटिंग एंड रिसर्वायर कमेटी (DVRRC) ने संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर सोमवार येलो फ्लड वार्निंग मैसेज जारी किया है. यह संदेश सुबह 7:10 बजे जारी किया गया. चेतावनी के बाद मैथन और पंचेत डैम से संभावित जल प्रवाह पर संबंधित प्रशासनिक और तकनीकी विभागों की निगरानी बढ़ गई है.

50 हजार क्यूसेक से अधिक संयुक्त जलप्रवाह पर चेतावनी

डीवीसी के संदेश के अनुसार, यदि मैथन और पंचेत डैम से संयुक्त रूप से 50,000 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति बनती है, तो दोनों बांधों के डाउनस्ट्रीम इलाकों में पीली बाढ़ चेतावनी जारी की जा सकती है. ऐसी स्थिति में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और संबंधित प्रशासनिक तंत्र को संभावित जलस्तर वृद्धि को लेकर सतर्क रहना होगा.

छह घंटे के भीतर अधिकारियों तक पहुंचानी होगी सूचना

डीवीसी ने संबंधित प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारियों को स्थिति के अनुरूप आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया है. संदेश में कहा गया है कि यदि बाढ़ चेतावनी जारी करने की स्थिति उत्पन्न होती है, तो संबंधित अधिकारियों तक इसकी सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया छह घंटे के भीतर पूरी करनी होगी.

डीवीसी की यह व्यवस्था उसके द्वारा जारी ‘फ्लड वार्निंग मेमोरेंडम’ में निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप होगी. इसका उद्देश्य संभावित बाढ़ की स्थिति में संबंधित विभागों के बीच समय पर समन्वय स्थापित करना और निचले इलाकों में आवश्यक एहतियाती कदम उठाना है.

संजीव कुमार ने अधिकारियों से मांगी पुष्टि

मैथन DVRRC के सदस्य सचिव संजीव कुमार ने संबंधित अधिकारियों से जारी किए गए चेतावनी संदेश की पुष्टि करने का अनुरोध किया है. डीवीसी की ओर से जारी इस संदेश को संबंधित प्रशासनिक और तकनीकी तंत्र तक भेजा गया है, ताकि स्थिति के अनुसार समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें.

झारखंड-बंगाल के विभागों को भी भेजा गया संदेश

येलो फ्लड वार्निंग संदेश की प्रतिलिपि डीवीसी के संबंधित अधिकारियों के अलावा पश्चिम बंगाल सरकार के सिंचाई एवं जलमार्ग विभाग, झारखंड के जल संसाधन विभाग, केंद्रीय जल आयोग तथा आसनसोल प्रशासन के संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है.

बांधों के जलप्रवाह पर बनी हुई है नजर

डीवीसी की ओर से चेतावनी संदेश जारी होने के बाद मैथन और पंचेत डैम से होने वाले संभावित जलप्रवाह पर संबंधित विभागों की नजर बनी हुई है. फिलहाल चेतावनी का आधार संभावित रूप से 50 हजार क्यूसेक से अधिक संयुक्त जलप्रवाह की स्थिति है. प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारी जलप्रवाह तथा बांधों की स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई पर नजर रखे हुए हैं.

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By Umesh Kumar

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