जल-जंगल-जमीन और खनिज संपदा पर अधिकार की उठेगी आवाज, झामुमो युवा मोर्चा ने उठाया मुद्दा

झामुमो ने एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में आंदोलन की घोषणा की है. आगामी 19 सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर राज्य के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर अधिकारों की रक्षा की मांग की जाएगी.

फतेहपुर से राजेश चौधरी की रिपोर्ट

फतेहपुर : एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ झामुमो ने आंदोलन का ऐलान किया है. आगामी 19 सितंबर, शनिवार को जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जायेगा. इसके माध्यम से झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदाओं पर राज्य के अधिकारों की रक्षा की मांग उठायी जायेगी.

प्राकृतिक संपदा को बताया अधिकार का विषय

झामुमो युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष कुणाल कंचन ने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा केवल खनन और राजस्व का विषय नहीं है, बल्कि इससे राज्य के लोगों के अधिकार और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य जुड़ा हुआ है. खनिज संपदा से संबंधित किसी भी व्यवस्था में झारखंड के हितों और स्थानीय लोगों के अधिकारों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए.

विधेयक के साथ संसाधनों की रक्षा का मुद्दा

उन्होंने कहा कि 19 सितंबर का धरना केवल विधेयक के विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों की रक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जायेगा. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आम नागरिकों से भी धरना-प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की.

जनभागीदारी बढ़ाने की तैयारी

कुणाल कंचन ने कहा कि झारखंड के संसाधनों और अधिकारों से जुड़े इस मुद्दे पर व्यापक जनभागीदारी जरूरी है. युवा मोर्चा की ओर से अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन से जोड़ने की तैयारी की जा रही है.

नारों के साथ दर्ज होगा विरोध

धरना-प्रदर्शन के दौरान विभिन्न नारों के माध्यम से विधेयक के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जायेगा.

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By Umesh Kumar

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