जामताड़ा : राज्य में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शनिवार को राज्य के सभी सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षक-प्राचार्य और जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए.
समय पर पहचान, जांच और उपचार पर जोर
मंत्री ने संभावित मरीजों की समय पर पहचान, जांच, उपचार और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेफरल की व्यवस्था मजबूत रखने को कहा. उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वाइन फ्लू से किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जाने दी जाएगी.
स्वास्थ्य मंत्री ने अपर मुख्य सचिव अजय कुमार समेत विभागीय अधिकारियों और विभिन्न जिलों के सिविल सर्जनों से संवाद कर तैयारियों की समीक्षा की. सभी जिलों में फ्लू जैसे लक्षण वाले मामलों तथा गंभीर श्वसन संक्रमण के मामलों की निगरानी और रिपोर्टिंग को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया है.
अस्पतालों में अतिरिक्त 10 बेड सुरक्षित रखने का निर्देश
रिम्स रांची सहित सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और सदर अस्पतालों में अतिरिक्त 10 बेड सुरक्षित रखने को कहा गया है. साथ ही ऑक्सीजन, जरूरी दवाओं एवं चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त भंडार, जांच सुविधा, आईसीयू और एचडीयू की तैयारी तथा प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी निगरानी
एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड समेत प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया है. बुखार, खांसी, गले में दर्द, सर्दी-जुकाम अथवा सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों का जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय परीक्षण किया जाएगा.
‘लक्षण दिखने पर घबराएं नहीं’
मंत्री ने लोगों से अपील की कि लक्षण दिखने पर घबराएं नहीं और स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह लें. उन्होंने कहा कि सतर्कता, निगरानी और त्वरित उपचार ही स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है.
