जामताड़ा : नारायणपुर प्रखंड मुख्यालय परिसर में रविवार को सरकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से निर्माणाधीन जल मीनार के भंडार कक्ष की दूसरी मंजिल की छत ढलाई के दौरान अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे के समय मौके पर दर्जनों मजदूर काम कर रहे थे. गनीमत रही कि सभी मजदूर समय रहते बाहर निकल गए और बड़ा हादसा टल गया.
जानकारी के अनुसार जल मीनार के समीप सामग्री भंडारण कक्ष का निर्माण कराया जा रहा है. इस भवन में जलापूर्ति से जुड़े उपकरण, ब्लीचिंग पाउडर, जल शुद्धिकरण सामग्री और अन्य आवश्यक सामान रखा जाना है. रविवार को दूसरी मंजिल की छत की ढलाई चल रही थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आधी ढलाई भी पूरी नहीं हुई थी कि अचानक सेंटरिंग बैठ गई और पूरी छत नीचे गिर गई.
ढलाई गिरते ही मची अफरा-तफरी
तेज आवाज के साथ ढलाई गिरते ही निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई. ऊपर और नीचे दोनों जगह काम कर रहे मजदूर किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सेंटरिंग कुछ देर बाद गिरती तो कई मजदूर इसकी चपेट में आ सकते थे. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ढलाई के दौरान विभाग का कोई भी अभियंता मौके पर मौजूद नहीं था. तकनीकी निगरानी के बिना ही निर्माण कार्य कराया जा रहा था. लोगों का कहना है कि सरकारी निर्माण कार्यों में इस तरह की लापरवाही गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
गुणवत्ता पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए. लोगों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उनका कहना है कि जब प्रखंड मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर निर्माण कार्य की यह स्थिति है तो ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है.
15 साल से लोगों को सप्लाई का इंतजार
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि प्रखंड परिसर में बना जल मीनार करीब 15 वर्ष पहले तैयार हुआ था, लेकिन आज तक उससे लोगों को एक बूंद भी पानी नहीं मिल सका. अब जल मीनार को चालू करने के लिए भंडार कक्ष का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण के दौरान ही ढलाई गिरने की घटना ने पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जामताड़ा के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अशोक कुमार पासवान ने बताया कि जल मीनार के लिए सामग्री भंडारण कक्ष का निर्माण कराया जा रहा था. उन्हें रविवार को ढलाई कराए जाने की जानकारी नहीं थी. उन्होंने बताया कि संबंधित जूनियर इंजीनियर का स्थानांतरण हो चुका है. सेंटरिंग गिरने की घटना की 24 घंटे के भीतर जांच कराई जाएगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि हादसा तकनीकी खामी, निर्माण में लापरवाही या किसी अन्य कारण से हुआ. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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