संवाददाता, जामताड़ा. खरीफ 2026 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जामताड़ा जिले में किसानों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है. जिले के छह प्रखंडों में अब तक 42,901 किसानों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है. इसके मुकाबले जिले में कुल 1,50,250 किसानों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. लक्ष्य के विरुद्ध अब तक महज 28.5 फीसदी किसानों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका है.
64 हजार हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 36,398 हेक्टेयर क्षेत्र बीमित
किसानों की संख्या के मुकाबले बीमित क्षेत्रफल की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है. अब तक 36,398.19 हेक्टेयर क्षेत्र को फसल बीमा के दायरे में लाया गया है. जिले में कुल 64,000 हेक्टेयर क्षेत्र का बीमा कराने का लक्ष्य रखा गया है. इस लिहाज से क्षेत्रफल के मामले में अब तक 56.9 फीसदी लक्ष्य हासिल किया जा चुका है.
यानी किसानों की संख्या के लिहाज से जहां रजिस्ट्रेशन की रफ्तार धीमी है, वहीं बीमित क्षेत्रफल के मामले में आधे से अधिक लक्ष्य पूरा हो चुका है.
नारायणपुर रजिस्ट्रेशन में सबसे आगे
प्रखंडवार आंकड़ों पर नजर डालें तो नारायणपुर प्रखंड किसानों के रजिस्ट्रेशन के मामले में सबसे आगे है. यहां अब तक 8,564 किसानों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है. इसके बाद विद्यासागर में 8,388, फतेहपुर में 7,083, जामताड़ा में 6,485, नाला में 6,414 और करमाटांड़ में 5,967 किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ है.
बीमित क्षेत्रफल में भी नारायणपुर अव्वल
फसल बीमा के तहत बीमित क्षेत्रफल के मामले में भी नारायणपुर प्रखंड सबसे आगे है. यहां अब तक 7,710.85 हेक्टेयर क्षेत्र का बीमा कराया जा चुका है. इससे स्पष्ट है कि किसानों के रजिस्ट्रेशन और बीमित क्षेत्रफल, दोनों ही मामलों में नारायणपुर प्रखंड की स्थिति अन्य प्रखंडों की तुलना में बेहतर है.
किसानों की संख्या के लक्ष्य को पूरा करना चुनौती
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदा और फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है. ऐसे में जिले में निर्धारित 1.50 लाख किसानों को योजना से जोड़ने के लक्ष्य के मुकाबले अब तक सिर्फ 28.5 फीसदी रजिस्ट्रेशन होना चिंता का विषय है. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद लक्ष्य पूरा करने के लिए अब गति बढ़ाने की जरूरत है.
