फतेहपुर. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में त्रिदिवसीय वार्षिक आचार्य कार्यशाला सोमवार से शुरू हुई. प्रथम दिन कुल पांच सत्रों का आयोजन हुआ, जिसमें शिक्षण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा की गयी. प्रथम सत्र की शुरुआत वंदना अभ्यास के साथ हुई. द्वितीय सत्र में पंजियों का अवलोकन एवं निरीक्षण किया गया. तृतीय सत्र में विद्यालय के सबल एवं निर्बल पक्षों पर विचार-विमर्श किया गया. चतुर्थ सत्र में प्रभावी पाठ्य योजना निर्माण पर चर्चा की गयी, जबकि पंचम एवं अंतिम सत्र में एक घंटे की शाखा में शारीरिक अभ्यास और प्रार्थना हुई. इसके साथ दिन का समापन हुआ. प्रधानाचार्य आनंद कुमार मिश्रा ने विद्या भारती के पांच केंद्रीय आधारभूत विषयों पर प्रकाश डाला. उन्होंने छात्र-छात्रों के समग्र विकास पर बल दिया. नयी शिक्षा नीति 2020 (एनइपी-2020) अंतर्गत विभिन्न आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जानकारी साझा किया. साथ ही आचार्य भारती के गठन कर दिवसाधिकारी भी निर्धारित किए गये. कार्यशाला को शिक्षकों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बताया गया.
कार्यशाला में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर चर्चा
फतेहपुर. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में त्रिदिवसीय वार्षिक आचार्य कार्यशाला सोमवार से शुरू हुई.
