नारायणपुर में मनरेगा मजदूरों को तीन माह से नहीं मिली मजदूरी प्रतिनिधि, नारायणपुर. प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा में कार्यरत मजदूरों को पिछले तीन माह से मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है. इससे उनके समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गयी है. नारायणपुर प्रखंड की 25 पंचायतों में लगभग 36,000 सक्रिय मनरेगा मजदूर पंजीकृत हैं, जिनमें से औसतन प्रतिदिन करीब 7,000 मजदूरों को काम दिया जाता है. मजदूरों का कहना है कि तीन माह से भुगतान लंबित रहने के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गयी है. दैनिक जरूरतों की पूर्ति, बच्चों की पढ़ाई और इलाज जैसे आवश्यक खर्च प्रभावित हो रहे हैं. कई मजदूरों ने शीघ्र भुगतान की मांग की है. इधर, मनरेगा कर्मियों की हड़ताल ने स्थिति को ओर जटिल बना दिया है. कर्मियों के आंदोलन के कारण प्रखंड में चल रही लगभग 14,000 योजनाएं ठप पड़ी हुई है. निर्माण कार्य, तालाब खुदाई, डोभा, बागवानी, भूमि समतलीकरण और अन्य विकास योजनाएं प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की रफ्तार थम गया है. मनरेगा के बीपीओ वाणीव्रत मित्रा ने बताया कि मजदूरों में भुगतान की पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. फंड जारी होते ही डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे मजदूरों के बैंक खातों में भेज दी जायेगी. उन्होंने कहा कि मजदूरों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, जल्द ही भुगतान सुनिश्चित किया जायेगा. फिलहाल मजदूर भुगतान की प्रतीक्षा में हैं. प्रशासनिक स्तर पर स्थिति सामान्य करने का प्रयास जारी है.
मनरेगाकर्मियों की हड़ताल से 14 हजार योजनाएं प्रभावित
नारायणपुर. प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा में कार्यरत मजदूरों को पिछले तीन माह से मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है.
