बिल में संशोधन कर मूलवासियों की बलि चढ़ाना चाहती है सरकार: इरफान
जामताड़ा : जिले भर में विपक्षी पार्टियों ने भूमि अधिग्रहण बिल के विरोध में प्रखंड मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया. राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा. इस दौरान गुरुवार को सदर प्रखंड कार्यलाय के विपक्षी पार्टियों ने धरना प्रदर्शन किया. धरना प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक डॉ इरफान अंसारी, झामुमो जिला अध्यक्ष श्यामलाल हेंब्रम, झामुमो केंद्र कमेटी सदस्य अशोक मंडल, सीपीआइ एम जिला सचिव चंडी दास शामिल हुए.
इस दौरान नेताओं ने रघुवर सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और भूमि अधिग्रहण बिल को काला कानून बताया. कहा कि पूंजीपतियों के लाभ के लिए यह बिल लाया गया है. ताकि सरकार आदिवासियों व मूलवासियों की जमीन छीन सके. विधायक डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि यह बिल आदिवासी मूलवासी व किसानों को बली चढ़ा कर कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाने के लिए है. कहा कि रघुवर सरकार के लिए जनतंत्र व जनभावना के कोई मायने नहीं है.
झामुमो जिला अध्यक्ष श्याम लाल हेंब्रम ने कहा कि विपक्ष एकजुट होकर सरकार की जमीन लूटने वाली योजना को कभी सफल नहीं होने देंगे. सरकार भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन कर आदिवासी व मूलवासियों की जमीन काॅरपोरेट घरानों के हाथों बेचना चाहती है. लेकिन सरकार का यह मंसूबा कभी सफल नहीं होगा. कहा कि झारखंड में लोग भूखे मर रहे हैं. सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए भूमि अधिग्रहण में ध्यान दे रही है. कहा कि अगर भूमि अधिग्रहण बिल सरकार अविलंब वापस नहीं लेती है,
तो सभी विपक्षी एकजुट होकर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेंगे. झामुमो केंद्रीय कमेटी के सदस्य अशोक मंडल ने कहा कि यह सरकार गरीब विरोधी सरकार हैं. सिर्फ अमीरों की विकास करने में लगी हुई है. भूमि अधिग्रहण बिल लाकर झारखंड के आदिवासी व मूलवासियों को बेघर करना चाहती है. आगामी विधानसभा चुनाव में झारखंड की जनता भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकेगी. कार्यक्रम के बाद राज्यपाल के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. मौके पर प्रोफेसर कैलाश प्रसाद साव, रवि दुबे, मदन मरांडी, नियामत अली, आनन्द टुडू, मनोज झा, बासुदेव मरांडी, सादिक अंसारी, मेरी मरांडी, देवीशन हांसदा, मुन्ना मुखर्जी, ताहा अंसारी, अमित मंडल, सुधांशु शेखर, रहीम अंसारी, रिज़वान शेख, शमीम शेख, सलिल रमन, सुमित, राहुल, बापी मंडल आदि मौजूद थे.
नाला प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड मुख्यालय में विपक्षी दलों द्वारा एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया. इसमें झामुमो, कांग्रेस, भाकपा एवं राजद आदि पार्टी के लोग शामिल हुए. इसका नेतृत्व झामुमो विधायक रवींद्रनाथ महतो ने किया. कहा कि इस बिल के पास होने से यहां के मूलवासी एवं आदिवासी किसी की जमीन सुरक्षित नहीं रहेगी. कहा अंग्रेज शासन काल में यहां के लोगों की जमीन को सुरक्षित रखने के लिए संप और छोटनागपुर कश्तकारी अधिनियम को जनता के हित में बनाये गये थे. लेकिन भाजपा सरकार ने पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए इस अधिनियम में संशोधन का प्रयास कर रही है.
मौके पर जिला सचिव कन्हाई माल पहाड़िया, कांग्रेस जिला महासचिव समर माजी, जियाराम हेंब्रम, उज्वल भट्टाचार्य, गणेश मित्रा, जयधन हांसदा, अशोक माजी, विजय माजी, पंकज झा, गुपीन सोरेन, बासुदेव हांसदा, कालीपद राय, भवसिंधु लायेक, जनार्दन भंडारी, सुधामय घोष आदि कार्यकर्ता झंडा बैनर के साथ उपस्थित थे. नारायणपुर प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड कार्यालय परिसर में कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. मौके पर अब्दुल जब्बार, प्रदीप लाल, लालू अंसारी, कमल महतो, हीरालाल सोरेन, बीरबल अंसारी, सफरूद्दीन अंसारी, केश्वर सोरेन, राजेन्द्र हेम्ब्रम, चेतन मरांडी, बानेश्वर मुर्मू, मोनसा टुडू, विजय यादव, टेकलाल महतो उपस्थित थे.
विद्यासागर प्रतिनिधि के अनुसार भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल के विरोध में करमाटांड़ प्रखंड मुख्यालय में झामुमो कार्यकर्ताओं धरना दिया. इसका नेतृत्व प्रखंड अध्यक्ष जमीरुद्दीन अंसारी ने किया. मौके पर पूर्व स्पीकर शशांक शेखर भोक्ता बिल को गलत ठहराते हुए रद्द करने की मांग किया. कहा कि इस मामले को लेकर झामुमो लगातार प्रदर्शन करते रहा है. सड़क से संसद तक लड़ाई जारी रहेगी. मौके पर दिनानाथ मरांडी, महेंद्र मंडल, अख्तर अंसारी, रजबुल अंसारी, कुदुस अंसारी, तनवीर आलम आदि थे.
