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प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक डॉ प्रशांत बनर्जी के निधन से मिहिजाम में शोक की लहर
मिहिजाम : मिहिजाम निवासी प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक डॉ प्रशांत बनर्जी का शुक्रवार को कोलकाता में हृदयघात से निधन हो गया. उनके निधन से होम्योपैथ चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों तथा क्षेत्रवासियों ने गहरा दुख प्रकट किया है. लोगों ने कहा कि डॉ बनर्जी के निधन से होम्योपैथ चिकित्सा के क्षेत्र को गहरा नुकसान हुआ है. नगर के होम्योपैथ चिकित्सक डाॅ मानिक गण ने कहा कि होम्योपैथी चिकित्सा क्षेत्र को उनके निधन से भारी नुकसान हुआ है. डाॅ प्रशांत बनर्जी ने कैंसर सहित अन्य रोगों के इलाज के लिए काफी काम किया है. होम्योपैथी चिकित्सा में उनके योगदान के लिए हमेशा याद किया जायेगा.
इधर, सेवानिवृत्त शिक्षक तथा उनके परिवार से निकट संबंध रखने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक शिवतोष कवि ने कहा कि विदेश में जर्मन सरकार एवं भारत के साथ होम्योपैथी के क्षेत्र में जो अनुसंधान हो रहे थे बंद हो जाने की संभावना है. केवल इतना ही नहीं कैंसर के क्षेत्र में पेड़ के जड़ मूल से जो अनुसंधान हो रहे थे जिसे होम्योपैथ के उपयोग के लिए अनुसंधान किया जा रहा था यह बंद हो जायेगा. अब इसे तैयार करने में जर्मन सरकार तथा यदि हैनिमन कंपनी के पास जानकारी हो तभी संभव हो सकता है.
डाॅ प्रशांत बनर्जी भारत के समस्त भूभाग में मौजूद जड़ी-बुटियों से अवगत थे. उनके निधन से होम्योपैथी के विकास जो नुकसान हुआ है इसकी गणना नहीं की जा सकती है. वहीं डाॅ पीसी मंडल ने कहा कि डाॅ प्रशांत बनर्जी के निधन से होम्यापैथी को भारी क्षति पहुंची है. कैंसर के क्षेत्र में होम्योपैथ के साथ उनका अनुसंधान जारी था. इससे चिकित्सा क्षेत्र को गहरा आघात लगा है.
