पशुपालकों को पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान में हो रही परेशानी
पशुओं के लिए नहीं मिल रहा चारा
जामताड़ा : सरकार के साथ बाएफ संस्था का एमओयू समाप्त होने के बाद सभी बाएफ केंद्र प्रभारी को सरकार ने सेल्फ मूड में कर दिया गया है. बाएफ केंद्र प्रभारी सरकार के निर्णय से क्षुब्ध होकर हड़ताल पर चले गये हैं. बाएफ केंद्र प्रभारियों के हड़ताल पर चले जाने से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. किसानों की गायों का कृत्रिम गर्भाधान नहीं हो पा रहा है. पशुओं को मिलने वाला चारा भी किसानों को नहीं मिल रहा है. बाएफ केंद्र प्रभारियों के हड़ताल पर रहने से किसानों के पशुओं का इलाज भी नहीं हो पा रहा है. बता दें कि जिले में 35 बाएफ केंद्र का संचालन हो रहा था. सरकार के निर्णय के बाद से सभी बाएफ केंद्र प्रभारी हड़ताल पर चले गये, जिस कारण सभी केंद्र में ताले लटक रहे हैं.
एमओयू समाप्त होने के बाद आर्थिक संकट
सरकार के साथ बाएफ संस्था का एमओयू किया गया था. एमओयू समाप्त होने के बाद सभी बाएफ केंद्र में कार्यरत केंद्र प्रभारी के समक्ष भुखमरी व बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. केंद्र प्रभारियों का कहना है कि लगभग दस से 15 वर्षों से काम करते आ रहे हैं. अचानक उनका वेतन बंद होने से उनके परिवार के समक्ष भूखमरी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. ऐसे में अभी इस उम्र में उन्हें और दूसरा काम भी कर पाना मुश्किल हो गया है. वे अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गये हैं.
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