शहर में कुछ नर्सिंग होम ऐसे हैं, जहां पैथोलॉजिस्ट नहीं है
जामताड़ा : जामताड़ा शहर में अनेकों ऐसे पैथोलॉजी एवं नर्सिंग होम हैं, जिस पर स्वास्थ्य विभाग की कोई नजर नहीं है. बिना लाइसेंस के नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग के क्लिनिकल इस्टाब्लिसमेंट एक्ट का न तो पालन हो रहा है और न ही पीसीपीएनडीटी एक्ट का पालन हो रहा है.
कहीं से भी कोई भी आकर शहर में धड़ल्ले से अपना क्लिनिक, पैथोलॉजी तथा नर्सिंग होम का संचालन कर रहा है. शहर में कुछ नर्सिंग होम ऐसे हैं, जहां पैथोलॉजिस्ट नहीं है, रेडियोलॉजिस्ट नहीं है, बावजूद धड़ल्ले से ब्लड सैंपल लिया जाता है तथा एक्स-रे, अल्ट्रासोनोग्राफी भी किया जा रहा है. साथ ही नर्सिंग होम से दवा भी दी जाती है. डीसी ने कुछ दिनों पूर्व बैठक कर सिविल सर्जन को क्लिनिकल इस्टाब्लिसमेंट एक्ट को पालन करने का सख्त निर्देश दिया था.
टीम बनाकर जांच करने का निर्देश दिया गया है. इस एक्ट के तहत बाहर से जो भी चिकित्सक चाहे वो होमियोपैथी, यूनानी, आयुर्वेदिक या एलोपैथी के सभी का निबंधन होना जरूरी है. इसके अलावे स्थानीय चिकित्सकों के क्लिनिक का भी निबंधन कराना जरूरी है.
क्या कहते हैं सीएस
क्लिनिकल इस्टाब्लिसमेंट एक्ट के तहत टीम का गठन किया जायेगा तथा जांच की जायेगी. टीम गठन की प्रक्रिया चल रही है.
-डॉ बीके साहा, सिविल सर्जन जामताड़ा.
