किसी भी योजना स्थल पर नहीं लगाया बोर्ड
बकरी शेड, पीसीसी सड़क, पेयजल कूप व जमीन समतलीकरण कार्य में भी जांच में अनियमितता उजागर
नारायणपुर : प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा एवं 14वें वित्त आयोग की योजनाओं की जांच में राज्यस्तरीय रिसोर्स टीम को भारी गड़बड़ी मिली. जांच में टीम को योजना स्थल पर कहीं भी सूचना बोर्ड नहीं मिला. वहीं योजना स्थल पर मजदूरों की सुविधा के लिए कोई खास इंतजाम भी नहीं था. योजना जहां पहले से बनी थी, उसी स्थान पर योजना बना दी गयी. डोभा की गहराई की मापी की गयी तो गहराई भी कम पायी गयी. टीम जब नारायणपुर पंचायत के रघुनाथपुर गांव पहुंची तो वहां पुराने डोभा में ही डोभा बना दिया था.
वहीं पहाड़पुर गांव में मनरेगा के तहत बनाये गये डोभा की गहराई 10 फीट की जगह चार फीट ही पाया गया. वहीं बुधुडीह पंचायत के गौदरायडीह, आनंदपुर, लटकाहीर, बुधुडीह गांव में बने बकरी शेड, पीसीसी सड़क, पेयजल कूप, जमीन समतलीकरण, डोभा निर्माण कार्य में काफी अनियमितता सामने आयी. जिसको लेकर टीम के संबंधित बीआरपी शंकर दास ने बताया कि अभी हमलोग टीम के साथ जांच कर रहे हैं. आगे कई और खामियां उजागर होगी. वहीं बांकुडीह पंचायत में शुक्रवार को राज्य स्तरीय रिसोर्स टीम ने मजदूरों से मिल कर उनको काम करने के दौरान क्या क्या सुविधा उपलब्ध कराया जाता है
एवं कितनी मजदूरी का भुगतान किया जाता है आदि की जानकारी ली. टीम के बीआरपी सुनीता सोरेन ने बताया कि अभी जांच के दौरान कुछ मजदूरों ने कम मजदूरी भुगतान की बात बताया है तथा योजना स्थल पर किसी भी तरह की सुविधा मजदूरों को नहीं मिलता है. आगे जांचोपरांत कई बिन्दुओं पर गड़बड़ी मिलने का असार हैं. मौके पर टीम के बीआरपी गोरांगो रविदास, उपेन्द्रनाथ साह, बाबूमनी मंडल, पूजा भारती, वृन्दावन मोहली आदि उपस्थित थे.
