‘सांप का घर’ जामताड़ा में सक्रिय है सांप के जहर का कारोबार करने वाला गिरोह, एक ग्राम की कीमत 25 हजार रुपये

जामताड़ा : जामताड़ा, जिसका संताली भाषा में शाब्दिक अर्थ सांपों का घर होता है, वहां सांप को पकड़ कर जहर निकाल कर उसका कारोबार करने वाला एक गिरोह इन दिनों सक्रिय है. उसके सदस्य प्रतिदिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों यथा नारायणपुर, मिहिजाम, नाला, कुंडहित, बागडेहरी समेत अन्य जगहों पर जाकर विभिन्न प्रजातियों के सांपों को […]

जामताड़ा : जामताड़ा, जिसका संताली भाषा में शाब्दिक अर्थ सांपों का घर होता है, वहां सांप को पकड़ कर जहर निकाल कर उसका कारोबार करने वाला एक गिरोह इन दिनों सक्रिय है. उसके सदस्य प्रतिदिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों यथा नारायणपुर, मिहिजाम, नाला, कुंडहित, बागडेहरी समेत अन्य जगहों पर जाकर विभिन्न प्रजातियों के सांपों को पकड़ कर उसका जहर निकालते हैं. और उसे विदेशों में अधिक कीमतों में बेच रहे हैं. बीएसएफ के अलर्ट के बाद ऐसे गिरोहों पर लगाम लगाने को लेकर सरकार ने राज्य के सभी वन प्रमंडल पदाधिकारियों को पत्र निर्गत की है, जिसमें साफ कहा गया है कि झारखंड में सांप पकड़ने वाला गिरोह सक्रिय हैं.

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20-25 हजार रुपये में बिकती है एक ग्राम जहर : जानकारों की मानें तो विषैले सांप एक बार में करीब दो ग्राम जहर उगलता है. यानी एक माह में 25 से 30 ग्राम प्रत्येक विषैला सांप जहर उगलता है. बिचौलिया किसी एक जगह पर सांप के केंद्र में रखकर सांप के जहर को मशीन के माध्यम से उगलवाती है. उसे मशीन से पाउडरनुमा बनाकर करीब 20-25 हजार रुपये प्रति ग्राम में संभवत: बेच देती है.
बताया जाता है कि सपेरे के वेश में इन सौदागरों का बिल से सांप निकालना बायें हाथ का खेल है. बीन बजा कर यह सबसे जहरीले सांप कोबरा, गेहूंमन जैसे सांपों को पकड़ते हैं. ये लोग जनता के आंख में धूल झोंक कर सांपों को पकड़ते हैं. लोगों को तमाशा दिखाते है और फिर इन सांपों के जहर को निकाल कर सौदा करते हैं.

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क्या कहते हैं डीएफओ : सरकार के तरफ से पत्र मिला है. झारखंड में भी सांप को पकड़ कर कालाबाजारी होने का संभावना बीएसएफ ने जताया है. इसको लेकर वन विभाग की तरफ से ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है. साथ ही जनता से भी अपील की गयी है कि इस तरह के लोग को देखते ही वन विभाग को सूचित करें. – राज कुमार साह, डीएफओ, जामताड़ा

इंडोनेशिया, जापान में बेचा जाता है जहर : दरअसल विदेशों में इन सांपों के जहर की कीमत लाखों में है. खासकर इंडोनेशिया, जापान और अरब देशों में इन सांपों के जहर को कई तरह के उपयोग में लाये जाते हैं. सांपों के जहर के कारोबार को एक बड़े रैकेट द्वारा अंजाम दिया जाता है.

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