Tusu Mela Jamshedpur, जमशेदपुर (संजीव भारद्वाज): झारखंडवासी एकता मंच की ओर से बुधवार को जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित ऐतिहासिक गोपाल मैदान में 21वां टुसू मेला का आयोजन भव्य रूप से किया गया. मेले में पारंपरिक संस्कृति, लोककला और झारखंडी विरासत का अद्भुत संगम देखने को मिला. सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले का मुख्य आकर्षण रहा, जिसमें झुमर सम्राट संतोष महतो ने अपनी टीम के साथ डांस की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया. झुमर संगीत के क्षेत्र में संतोष महतो का नाम काफी चर्चित है.
बड़ी बड़ी मूर्तियां और चौड़ल थे आकर्षण का केंद्र
मेले में टुसू की बड़ी बड़ी मूर्तियां और लंबे-लंबे चौड़ल आकर्षण का केंद्र बने रहे. आयोजकों के अनुसार, पिछले वर्ष टुसू प्रतिमा और चौड़ल की संख्या 350 से अधिक थी, जबकि इस बार इसमें और बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही थी. कार्यक्रम को लेकर गोपाल मैदान में भव्य मंच का निर्माण किया गया था और पूरे परिसर में बेहतर रोशनी की व्यवस्था की गई, ताकि देर शाम तक आने वाले दर्शकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
सुबह 8 बजे से ही मैदान पर पहुंचने लगे थे लोग
सुबह आठ-नौ बजे से ही टुसू प्रेमी प्रतिमाएं और चौड़ल लेकर मैदान में पहुंचने लगे थे. प्रतिभागियों को सुबह 10 बजे से प्रवेश की अनुमति दी गयी. मेले में कोल्हान क्षेत्र के अलावा रांची, तमाड़, बुंडू, सिल्ली समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में झारखंडी पर्व त्योहार के कल्चर से प्रेम करने वाले लोग पहुंचे.
समारोह का उद्घाटन विद्युत वरण महतो के नेतृत्व में किया गया
समारोह का उद्घाटन मंच के मुख्य संयोजक आस्तिक महतो और सांसद सह मंच के संयोजक विद्युत वरण महतो के नेतृत्व में किया गया. इस अवसर पर झारखंड के लिए शहीद हुए वीरों और टुसू मेला आयोजन में अहम भूमिका निभाने वाले मंच के पूर्व पदाधिकारियों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई.
टुसू प्रतिमा के लिए रखे गये हैं कुल 7 पुरस्कार
इस वर्ष झारखंडवासी एकता मंच की ओर से टुसू प्रतिमा और चौड़ल प्रतियोगिता की पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी की गई है. टुसू प्रतिमा के लिए कुल सात पुरस्कार रखे गए हैं. इसमें प्रथम पुरस्कार 41 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 35 हजार, तृतीय पुरस्कार 31 हजार, चतुर्थ पुरस्कार 25 हजार और पंचम पुरस्कार 20 हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं.
चौड़ल प्रतियोगिता के लिए रखे गये हैं कुल 7 पुरस्कार
चौड़ल प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 31 हजार रुपये, द्वितीय 25 हजार, तृतीय 21 हजार और चतुर्थ पुरस्कार 15 हजार रुपये दिये जाएंगे. वहीं, बूढ़ी गाड़ी नाच प्रतियोगिता के लिए चार पुरस्कार तय किए गए हैं, जिसमें प्रथम पुरस्कार 15 हजार रुपये, द्वितीय 11 हजार, तृतीय 7 हजार और चतुर्थ पुरस्कार 5 हजार रुपये रखा गया है. भव्य आयोजन और सांस्कृतिक रंगों से सजा यह टुसू मेला देर शाम तक लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा.
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