जमशेदपुर: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में टाटा पावर और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. दोनों कंपनियों की ओर से महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्थापित 10 को-ब्रांडेड ‘टाटा पावर एक्स टाटा ईवी मेगा चार्जर हब’ में अब तक 70 हजार से अधिक चार्जिंग सेशन दर्ज किये गये हैं. इन हबों पर कुल 85 हजार से ज्यादा चार्जिंग घंटे रिकॉर्ड हुए हैं.
2.7 मेगावाट क्षमता के 25 फास्ट चार्जर
इन चार राज्यों में फैले चार्जिंग नेटवर्क में कुल 2.7 मेगावाट क्षमता वाले 25 फास्ट चार्जर और 56 चार्जिंग गन शामिल हैं. कंपनियों के अनुसार, इस नेटवर्क ने ईवी उपयोगकर्ताओं को लंबी दूरी के सफर के दौरान तेज और सुविधाजनक चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराने में मदद की है. इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिये 75 लाख से अधिक ‘ग्रीन किलोमीटर’ की यात्रा संभव हुई है.
6690 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी
टाटा पावर और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के इस संयुक्त नेटवर्क से पर्यावरण संरक्षण को भी लाभ मिला है. कंपनियों के मुताबिक, चार्जिंग हब के इस्तेमाल से अब तक करीब 6,690 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिली है. नेटवर्क यमुना एक्सप्रेसवे, हैदराबाद-विजयवाड़ा कॉरिडोर, बेंगलुरु-तिरुपति और पुणे-बेंगलुरु जैसे प्रमुख मार्गों के अलावा मुंबई और हैदराबाद के शहरी इलाकों में भी ईवी चालकों को चार्जिंग सुविधा दे रहा है.
2030 तक 10 हजार पब्लिक चार्जर का लक्ष्य
टाटा पावर ने देश में ईवी चार्जिंग नेटवर्क को और विस्तार देने का लक्ष्य तय किया है. कंपनी वर्ष 2030 तक 10 हजार पब्लिक चार्जर स्थापित करना चाहती है. इसके जरिये देश के प्रमुख शहरों और हाईवे को जोड़ते हुए ईवी उपयोगकर्ताओं के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है. कंपनियों का मानना है कि बेहतर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की गति बढ़ाने में अहम भूमिका निभायेगा.
