टाटा मोटर्स में वेतन ढांचे में बदलाव, यूनियन और प्रबंधन के बीच क्या समझौता हुआ यहां जानें

टाटा मोटर्स जमशेदपुर प्लांट में कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है. नए वेज कोड 2019 के तहत हुए समझौते के बारे में विस्तार से जानें.

जमशेदपुर : टाटा मोटर्स जमशेदपुर प्लांट में कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर को नये वेज कोड (वेज कोड 2019) के नियमों के अनुसार बदलने पर सहमति बन गयी. शुक्रवार को टाटा मोटर्स कंपनी प्रबंधन और टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुआ. समझौते पर प्रबंधन की ओर से प्लांट हेड अनुराग छारिया, एचआर हेड प्रणव कुमार और इआर हेड सौमिक रॉय और यूनियन की तरफ से अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद, महामंत्री आरके सिंह और सभी पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर किया. सैलरी और भत्तों में क्या-क्या बदला?

एलटीए की जगह मिलेगा एडिशनल एचआरए

पहले से चले आ रहे लीव ट्रैवल अलाउंस (एलटीए) को अब बंद कर दिया गया है. इसकी जगह कर्मचारियों को एकमुश्त पैसा मिलेगा. जिसे ''''एडिशनल एचआरए नाम दिया गया है. यह आम एचआरए के अलावा अलग से जुड़ेगा.

एचपीइवी की न्यूनतम सीमा में बदलाव

पूर्व में निर्धारित न्यूनतम 6,100 की सीमा को समाप्त करते हुए अब इसे शून्य (0) कर दिया गया है. क्वालिटी लिंक में संशोधन : क्वालिटी लिंक के लिए पहले से निर्धारित 300 की न्यूनतम सीमा को भी संशोधित कर शून्य निर्धारित किया गया है. 3 महीने बाद सैलरी स्लिप में दिखेगा असर यह नया सिस्टम पूरी तरह लागू होने में करीब 3 महीने का समय लगेगा. इसके बाद कर्मचारियों की सैलरी स्लिप में यह बदलाव साफ नजर आने लगेगा. यूनियन ने साफ कहा है कि इस बदलाव से किसी भी कर्मचारी को नुकसान नहीं होगा और उनके अधिकारों का पूरा ख्याल रखा गया है.


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By साहिल अस्‍थाना

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