Jamshedpur news.
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के बैनर तले 24-25 मार्च को राष्ट्रीय स्तर पर बैंकों में हड़ताल का आह्वान किया गया है. यूएफबीयू की दो दिवसीय हड़ताल का असर चार दिनों तक देखने को मिलेगा. हड़ताल का आह्वान सोमवार व मंगलवार को किया गया है, लेकिन फोर्थ स्टरडे 22 मार्च को और साप्ताहिक अवकाश 23 मार्च को होने के कारण लगातार चार दिन बैंक बंद रहेंगे. हड़ताल को सफल बनाने के लिए यूएफबीयू के बैनर तले शुक्रवार को साकची आइ अस्पताल के सामने यूनियन के नेताओं ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए सभा का आयोजन किया.यूनियन के नेताओं ने कहा कि हमारी न्यायसंगत एवं मुख्य मांगों में बैंकों में पर्याप्त कर्मचारियों एवं अधिकारियों की नियुक्ति हो. साथ ही आरबीआइ, डीएफएस, सेबी, नाबार्ड, फाइनेंस मिनिस्ट्री और स्टॉक एक्सचेंज की तरह बैंकों में भी पांच दिन कार्य दिवस होना चाहिए. इसके अलावा कर्मचारी एवं अधिकारी प्रतिनिधि को निदेशक मंडल में शामिल किया जाये.जमशेदपुर यूएफबीयू के सभी घटक दलों के नेतृत्व और विभिन्न बैंकों के कामरेडों ने प्रदर्शन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. प्रदर्शन के दौरान सभा को यूएफबीयू जमशेदपुर के कॉमरेड सुजय राय, कॉ आरबी सहाय, कॉ रामजी प्रसाद, कॉ गौतम घोष व कॉ आनंद वर्मा ने संबोधित किया. कॉ सपन कुमार अदक ने नारेबाजी कर साथियों का उत्साहवर्धन किया. प्रदर्शन में कामरेड पंकज सिंह, अजय कुमार झा, कविता, संतोष, कौशल किशोर, किंजल, रिशीकेश, पवन, बबन, मनोज, ज्वाला, संजय रविदास, पूनम चक्रवर्ती, सीके सिंह, अंजू कुमारी, हरि नाग, मुकेश कुमार, सीता किस्कू, सीके नायडू, सिमरन कौर, कुंदन कुमार, विवेक सिन्हा आदि ने प्रदर्शन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अंत में जमशेदपुर यूएफबीयू संयोजक कॉमरेड रिंटू रजक ने सभी साथियों से आह्वान किया कि 11 मार्च की शाम सवा पांच बजे बिष्टुपुर बैंक ऑफ बड़ौदा के समीप होने वाले प्रदर्शन में सभी जुटें.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
