Jamshedpur News : नगांव एक्सप्रेस के एसी कोच में बड़ी चोरी, टाटानगर आ रही महिला यात्री को नशा सुंघाकर 15 लाख के गहने और आइफोन उड़ाये

Jamshedpur News : लंबी दूरी की ट्रेनों के वातानुकूलित (एसी) कोच अब सुरक्षित नहीं रह गये हैं. अपराधियों ने यात्रियों को निशाना बनाने के लिए नया तरीका ईजाद किया है.

कोच अटेंडेंट राजिमुल खान और पैंट्री स्टाफ शिवचरण सोनी पर मिलीभगत का जताया संदेह

आइवॉच से मोबाइल फोन ट्रैक किया, तो अंतिम लोकेशन पश्चिम बंगाल के बीरभूम में मिला

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लंबी दूरी की ट्रेनों के वातानुकूलित (एसी) कोच अब सुरक्षित नहीं रह गये हैं. अपराधियों ने यात्रियों को निशाना बनाने के लिए नया तरीका ईजाद किया है. ताजा मामला असम के सिलघाट टाउन से टाटानगर आ रही ट्रेन संख्या-15630 नगांव एक्सप्रेस का है, जहां एक महिला यात्री नशीले पदार्थ का शिकार होकर अपनी जीवनभर की कमाई गंवा बैठी. इस संबंध में पीड़िता अंकिता अग्रवाल ने टाटानगर जीआरपी में प्राथमिकी दर्ज करायी है. टाटानगर जीआरपी ने ”जीरो प्राथमिकी” दर्ज कर उसे आगे की कार्रवाई के लिए पाकुड़ रेल थाना को भेज दिया है. अंकिता के पति व्यवसायी हैं और वह अपने जीजा उद्यमी विवेक चौधरी (बिष्टुपुर निवासी) के यहां आ रही थीं.

बेडशीट देने के बहाने किया बेहोश

पीड़िता अंकिता अग्रवाल (34), जो असम के सोनितपुर जिले की रहने वाली है, अपने परिजनों के साथ टाटानगर की यात्रा कर रही थीं. उन्होंने बताया कि 27 मार्च की सुबह जब वे सिलघाट टाउन से कोच संख्या ए-1 (2 एसी) की सीट संख्या-20 पर सवार हुईं, तो कोच अटेंडेंट ने उन्हें बिना मांगे एक अनसील बेडशीट दी. कोच में ठंड होने के कारण उन्होंने वह चादर ले ली. अंकिता का आरोप है कि चादर ओढ़ने के कुछ देर बाद ही वह अचेत हो गईं, जिससे उन्हें संदेह है कि चादर में कोई नशीला पदार्थ था.

पाकुड़ के पास खुली नींद, सामान गायब

28 मार्च की सुबह लगभग 6 बजे जब ट्रेन पाकुड़ स्टेशन पार कर रही थी, तब अंकिता की नींद खुली. उन्होंने देखा कि उनके सिर के पास रखा ब्राउन कलर का पर्स खाली पड़ा था. पर्स से 4 सोने की चूड़ियां, एक सोने का ब्रेसलेट (वजन लगभग 70-80 ग्राम), ब्लू कलर का आईफोन-13 प्रो और 13 हजार रुपये नकद गायब थे. चोरी गये सामानों की कुल कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गयी है. पीड़िता ने अपने आईवॉच से फोन ट्रैक किया तो उसका अंतिम लोकेशन पश्चिम बंगाल के बीरभूम में मिला.

रेल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

अंकिता ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने तुरंत रेल हेल्पलाइन 139 पर शिकायत की, लेकिन कई स्टेशनों तक कोई मदद नहीं मिली. कुछ देर बाद आरपीएफ कर्मी आये, लेकिन उन्होंने केवल औपचारिकता पूरी कर फीडबैक फॉर्म पर हस्ताक्षर करा लिये. पीड़िता ने कोच अटेंडेंट राजिमुल खान और पैंट्री स्टाफ शिवचरण सोनी पर मिलीभगत का संदेह जताया है. उनका कहना है कि उसी दिन उसी ट्रेन के अन्य कोचों में भी चोरी की कई वारदातें एक साथ हुई हैं, जिससे किसी संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका है.

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By RAJESH SINGH

RAJESH SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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