वेज रिवीजन पर घमासान! टाटा वर्कर्स यूनियन में हंगामे के बाद आमने-सामने पक्ष-विपक्ष

टाटा वर्कर्स यूनियन की कमेटी मीटिंग में वेज रिवीजन को लेकर हंगामे की स्थिति बन गई है. महामंत्री और डिप्टी प्रेसिडेंट पर अध्यक्ष के साथ मिलकर समझौते का आरोप लगा है, वहीं विपक्षी सदस्यों ने खामियों पर सवाल उठाए हैं.

जमशेदपुर: टाटा वर्कर्स यूनियन की कमेटी मीटिंग में हंगामा के बाद आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है. इसको लेकर पक्ष और विपक्ष पूरी तरह आमने-सामने है. इस मसले को लेकर यूनियन की राजनीति गरमा गयी है.

महामंत्री और डिप्टी प्रेसिडेंट के साथ मिलकर किया वेज रिवीजन

टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने कहा कि वेज रिवीजन समझता को लेकर महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह के साथ मिलकर वार्ता की है. वहीं, सारे पदाधिकारियों ने इस पर हस्ताक्षर किया है.

कमेटी मीटिंग में बात रखने का सबको आजादी है. लेकिन, लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत ही आवाज उठायी जानी चाहिए. हंगामा, गाली-गलौज और अमर्यादित व्यवहार उचित नहीं है. यूनियन की गरिमा बनाये रखना सभी पदाधिकारियों और कमेटी सदस्यों की जिम्मेदारी है.

ग्रेड रिवीजन की खामियों पर सवाल उठाना अधिकार : विमल कुमार

टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मेंबर विमल कुमार ने कहा कि वे ग्रेड रिवीजन का बचाव करने नहीं, बल्कि उसकी खामियों और कर्मचारियों के हितों से जुड़े सवाल उठाने गये थे. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी बात पूरी रखने का अवसर नहीं दिया गया. विमल ने कहा कि 11 ऑफिस बियररों की सामूहिक जिम्मेदारी है और शीर्ष नेतृत्व की जवाबदेही अधिक है. उन्होंने कहा कि समझौते से पहले कर्मचारियों को जो जानकारी दी जाती है, उसके अनुरूप लाभ नहीं मिलने पर सवाल उठाना कमेटी सदस्यों का अधिकार है.

कमेटी मीटिंग में हंगामा शर्मनाक : आरसी झा

टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व उपाध्यक्ष आरसी झा ने कहा कि टाटा वर्कर्स यूनियन की कमेटी मीटिंग में जो घटना हुई, वो काफी शर्मनाक है. संगठन की बैठक में वाद-विवाद होना स्वास्थ्य लोकतंत्र का प्रमाण है, लेकिन गाली-गलौज और हाथापाई को कभी भी सही नहीं ठहराया जा सकता है. बैठक में यह स्पष्ट हो गया कि वेज समझौता के दौरान सभी 11 पदाधिकारियों में सहमति थी, लेकिन, इसकी जिम्मेदारी लेने को कोई भी तैयार नहीं है. यह अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. इससे सभी कमेटी मेंबर और कर्मचारी अपने को छला हुआ महसूस कर रहे हैं.

बिमल कुमार व विभाष ने माहौल बिगाड़ा : मारुतिनंदन

टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मेंबर और भाजपा के मंडल अध्यक्ष मारुतिनंदन पांडेय ने आरोप लगाया कि बैठक में मजदूर हित से जुड़े मुद्दे उठाने के दौरान विमल कुमार, विभाष शुक्ला समेत कुछ सदस्यों ने माहौल बिगाड़ा. उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता मजदूरों के हित और अधिकारों की बात करना है. मारुतिनंदन ने दावा किया कि बैठक में उनके साथ दादागिरी जैसा व्यवहार किया गया. इस पर मैंने बिष्टुपुर थाना प्रभारी को भी फोन किया, लेकिन आगे की कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा कि यूनियन किसी खास वर्ग की नहीं, बल्कि सभी मजदूरों की है. मजदूर हित के मुद्दों पर वे आगे भी आवाज उठाते रहेंगे.

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By Brajesh kumar singh

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