Jamshedpur News : कॉर्पोरेट-रिसाइक्लर्स कॉन्क्लेव में सर्कुलर इकॉनमी के लिए साझा मंच का प्रस्ताव

Jamshedpur News : उद्योग जगत की समस्याओं का सामूहिक समाधान खोजने के लिए एक नयी पहल की शुरुआत हुई है.

कॉर्पोरेट-रिसाइक्लर्स कॉन्क्लेव 2025 का भुवनेश्वर में हुआ आयोजन

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उद्योग जगत की समस्याओं का सामूहिक समाधान खोजने के लिए एक नयी पहल की शुरुआत हुई है. मानव संसाधन विकास संस्थान द्वारा भुवनेश्वर के मैयफेयर लैगून में आयोजित कॉर्पोरेट-रिसाइक्लर्स कॉन्क्लेव में एक साझा प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया है. इस मंच का उद्देश्य उद्योग जगत, शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों, स्टार्टअप्स और स्टार्टअप इको-सिस्टम को एक साथ लाना है. कॉन्क्लेव में यह बात सामने आयी कि हर उद्योग अपनी चुनौतियों का सामना करता है और उनके समाधान के लिए प्रयासरत रहता है. हालांकि, कई बार एक ही तरह की समस्या कई उद्योगों को प्रभावित करती है और उनके समाधान खोजने के प्रयास अलग-अलग होते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए, इस नये प्लेटफॉर्म पर उद्योग अपनी समस्याओं को साझा कर सकेंगे और शैक्षणिक संस्थान तथा स्टार्टअप्स उनके लिए अभिनव समाधान पेश करेंगे. इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह केवल समस्याओं और समाधानों के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं होगा, बल्कि समाधानों को लागू करने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था भी की जायेगी. इस तरह, एक समस्या का समाधान केवल एक कंपनी के लिए नहीं, बल्कि पूरे उद्योग जगत और समाज के लिए फायदेमंद होगा. आयोजित कॉन्क्लेव में भारत में सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. इस कॉन्क्लेव में उद्योग जगत के दिग्गजों, रिसाइक्लिंग विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने एक मंच पर आकर औद्योगिक अपशिष्ट के प्रभावी उपयोग और टिकाऊ भविष्य की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया. कार्यक्रम का उद्घाटन गणेश वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ. कॉन्क्लेव के संयोजक प्रो. रंजीत प्रसाद और डॉ. एस. रंगनाथन ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला. कॉन्क्लेव में री-सस्टेनेबिलिटी लिमिटेड के कृष्णा राव ने रिसाइक्लर्स की भूमिका और ईपीआर की आवश्यकता पर जोर दिया. वहीं, एनआइएनएल के सुधीर कुमार मेहता ने प्रकृति और जैव विविधता की सुरक्षा की सामूहिक जिम्मेदारी पर बात की. हिंडाल्को के विनोद कुमार वर्मा ने कॉन्क्लेव को वेस्ट मैनेजमेंट में एक बड़े बदलाव की नींव बताया, जबकि एएमएनएस के डॉ. अरविंद बोधंकर ने अति-उपभोग से बचने और सतत जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया. दिनभर चले तकनीकी सत्रों में एनआइएनएल , हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील, जेएसडब्ल्यू जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपनी स्थिरता और अभिनव रिसाइक्लिंग पहलों को प्रस्तुत किया. एनआइटी जमशेदपुर, आइआइटी भुवनेश्वर जैसे शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी ने अकादमिक अनुसंधान और औद्योगिक व्यावहारिकता के बीच एक मजबूत सेतु बनाया. आयोजन को सफल बनाने में डॉ. एस. रंगनाथन, डॉ. रंजीत प्रसाद, डॉ. सुरूची, प्रो. अमर नाथ सिंह, डॉ. रामकृष्ण, डॉ. सरोज सारंगी, एमएल विश्वकर्मा एवं हेमंत जेना का उल्लेखनीय योगदान रहा.

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Author: RAJESH SINGH

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