वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
झारखंड मानवाधिकार सम्मेलन (जेएचआरसी) के चेयरमैन एवं वरिष्ठ मानवाधिकार कार्यकर्ता मनोज मिश्रा ने राज्य सरकार से क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एवं रेगुलेशन) कानून में आवश्यक संशोधन करने या नयी अधिसूचना जारी करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जिन निजी अस्पतालों को सरकार द्वारा रियायती दर पर भूमि कर में छूट, अनुदान या कोई भी सरकारी सुविधा मिली है, वहां गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर 20 प्रतिशत मरीजों को ओपीडी में और 10 प्रतिशत इंडोर (भर्ती) मरीजों का इलाज निःशुल्क करना अनिवार्य किया जाये.
इसके साथ ही पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, सीटी स्कैन और एमआरआइ जैसी जांचों में भी गरीब मरीजों को मुफ्त या विशेष रियायत देना कानूनी रूप से बाध्यकारी हो. इन मांगों को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे.
