पटमदा : जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र पटमदा में करोड़ों की लागत से तीन विकास परियोजनाएं चल रही थीं. लेकिन, अब कार्य की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है. इसको लेकर ग्रामीणों का आक्रोश भी चरम पर है. लोग इसलिए आक्रोशित हैं क्योंकि ग्रामीण क्षत्रों में हमेशा काम में गड़बड़ी व भ्रष्टाचार सामने आने से ग्रामीण परेशान हो गये हैं. ऐसी कोई योजना मिलनी दुर्लभ है जिसमें भ्रष्टाचार व गड़बड़ी की शिकायत नहीं आती हो.
डीसी ने लिया संज्ञान, कार्रवाई के दिए निर्देश
पटमदा में करोड़ों रुपये की लागत से चल रही तीन महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में निर्माण कार्य की गुणवत्ता, कार्य में विलंब व अधूरे निर्माण को लेकर उठाई गई शिकायत पर उपायुक्त राजीव रंजन ने त्वरित संज्ञान लिया है. समाजसेवी विश्वनाथ महतो व यामिनी महतो की ओर से सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से महुलतल स्थित कुमीर खेजुरडीह नाला पर अधूरे पुल, बेलटांड़ चौक से रघुनाथपुर चौक तक अधूरे पीसीसी पथ निर्माण व तुंगबुरु में निर्माणाधीन स्टेडियम का मामला उपायुक्त के समक्ष रखा गया. उपायुक्त ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई एवं जल्द समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
स्टेडियम निर्माण कार्य में अनियमितता की होगी जांच
डीसी ने कहा कि स्टेडियम निर्माण कार्य में अनियमितता की जांच भी कराई जाएगी. कुमीर-महुलतल क्षेत्र के खेजुरडीह नाला पर तीन करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल करीब चार वर्षों से अधूरा रहने का मामला भी उठाया. बेलटांड़ चौक से रघुनाथपुर चौक तक कई स्थानों पर अधूरे पीसीसी सड़क निर्माण को शीघ्र पूरा कराने की मांग की गई. उपायुक्त के त्वरित संज्ञान और संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश के बाद ग्रामीणों में समस्याओं के शीघ्र समाधान की उम्मीद जगी है.
