वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
परसुडीह थाना परिसर में मंगलवार को हुई शांति समिति की बैठक में उस वक्त डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) सुमित कुमार भड़क गये, जब लोगों ने पुलिस की गश्ती समेत क्षेत्र में अड्डेबाजी व नशा के कारोबार पर पुलिस की लापरवाही का मुद्दा उठाया. डीएसपी सुमित कुमार ने थाना में मौजूद सभी पुलिस पदाधिकारी को बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया. आनन-फानन में कार्यालय समेत अन्य कमरे में बैठे पुलिस पदाधिकारी बैठक में शामिल हुये. डीएसपी ने लोगों की शिकायत के संबंध में पुलिस पदाधिकारी को जानकारी देते हुए लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी.
डीएसपी ने कहा "मैं और थाना प्रभारी सुनने के लिए नहीं बैठे हैं"
बैठक में लोगों ने पुलिस की रात्रि गश्ती की शिकायत की. कहा कि दिन में भी अमूमन पुलिस गश्ती वाहन खड़ा कर उसमें ही बैठी रहती है. डीएसपी ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी समेत सभी पुलिस पदाधिकारियों को जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनने और उनका तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया. बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि सिर्फ मैं और थाना प्रभारी सुनने के लिए नहीं बैठे हैं. उन्होंने थाना पर उपस्थित सभी पुलिस कर्मियों को लोगों की शिकायत सुनने और उसे डायरी में नोट करने तथा पेट्रोलिंग के दौरान शिकायतों का समाधान निकालने को कहा.
पदाधिकारियों को लगाई फटकार
भाजपा नेता ईश्वर सोरेन ने रथ यात्रा को लेकर जाम की समस्या का समाधान निकालने तथा परसुडीह गोलपहाड़ी शराब दुकान के पास के अलावे चौक-चौराहों पर खुलेआम हो रही शराबियों की अड्डेबाजी पर कार्रवाई की मांग की.लोगों की शिकायत सुनने के बाद डीएसपी सुमित कुमार ने पदाधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि गश्ती के दौरान केवल वाहन में बैठकर भ्रमण करने से काम नहीं चलेगा. संवेदनशील क्षेत्रों में वाहन से उतरकर निगरानी करनी होगी. बैठक में जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति, पंचायत सदस्य द्रौपदी मुंडा, प्रखंड अध्यक्ष आशीष ठाकुर, नंदकिशोर ठाकुर सहित शांति समिति के सदस्य मौजूद थे.
