जमशेदपुर: बेंगलुरु के येलहंका स्थित मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (एमएएचई) के हॉस्टल की नौवीं मंजिल से गिरकर जमशेदपुर निवासी बीटेक छात्र लक्ष्य मिश्रा (20) की संदिग्ध मौत का मामला अब देश की सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. मामले में दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है जिस पर जल्द सुनवाई शुरू होगी.
गौरतलब है कि 7 अप्रैल 2026 की रात हुई इस घटना को कॉलेज प्रशासन ने शुरुआती तौर पर आत्महत्या बताया था. हालांकि, मृतक के पिता अंजनी कुमार मिश्रा ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए रैगिंग के बाद हत्या की आशंका जताई है. उनका कहना है कि जिस खिड़की से लक्ष्य के गिरने की बात कही जा रही है, वह इतनी संकरी है कि उससे किसी का गिरना संभव नहीं लगता.
परिजनों का आरोप है कि घटनास्थल से साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से फॉरेंसिक टीम के पहुंचने से पहले ही छात्र के कमरे में मौजूद बिस्तर, चादर और दरवाजे के हैंडल की सफाई कर दी गई थी. उनका कहना है कि इससे मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित हुई है और कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
इधर, परिजनों की याचिका पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रपति सचिवालय ने संबंधित प्राधिकारी को मामले में आवश्यक कार्रवाई करने और की गई कार्रवाई की जानकारी सीधे याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
