पूर्वी सिंहभूम न्याय निर्णायक अधिकारी की अदालत ने सुनाया फैसला
वित्तीय वर्ष 2023-24 में फूड सेफ्टी ऑफिसर ने शहर के विभिन्न इलाकों से खाद्य एवं पेय पदार्थों के नमूने लिये थे
दोबारा पकड़े जाने पर दोगुना जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
Jamshedpur News :
शहर में पहली बार घटिया गुणवत्ता (सब-स्टैंडर्ड) का दूध बेचने के मामले में साकची टीबी अस्पताल के समीप स्थित शादाब खटाल पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया. पूर्वी सिंहभूम के न्याय निर्णायक अधिकारी सह एडीसी भगीरथ प्रसाद की अदालत ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया. खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2023-24 में लिये गये दूध के नमूने जांच में फेल पाये गये थे. जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने 5-5 हजार रुपये (भैंस और गाय के दूध पर) कुल 10 हजार रुपये जुर्माने का आदेश दिया. अदालत ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि संबंधित खटाल घटिया गुणवत्ता का दूध बेचते हुए दोबारा पकड़ा जाता है, तो दोगुना जुर्माना एवं सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी.इन प्रतिष्ठानों पर भी लगा जुर्माना
प्रतिष्ठान का नाम कारण जुर्माना1 गंगा रिजेंसी, बाराद्वारी घटिया गुणवत्ता का पनीर की सब्जी परोसना-बेचना 5 हजार रुपये2 मिष्ठी भोग, पटेलनगर, छोटा गोविंदपुर घटिया गुणवत्ता का लड्डू एवं खीर कदम बेचना 20 हजार रुपये (प्रत्येक 10 हजार)3 लक्खी एगरोल, साकची घटिया गुणवत्ता का पनीर की सब्जी परोसना-बेचना 10 हजार रुपयेअदालत ने सभी आरोपित प्रतिष्ठानों पर सरकारी लैब की जांच रिपोर्ट में दोषी पाये जाने के बाद कार्रवाई की. इस दौरान गंगा रिजेंसी प्रबंधन ने अपनी गलती स्वीकार कर भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं करने का आश्वासन दिया. अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी खाद्य विक्रेताओं को गुणवत्ता के मानकों का पालन करना अनिवार्य है. उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
