जमशेदपुर: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी को लेकर शहर में भक्तों के बीच उत्साह है. मंदिरों में विशेष पूजा और सजावट की तैयारी है, वहीं कई जगहों पर जन्माष्टमी के आयोजन भी होने हैं. ऐसे में त्योहार के दिन मौसम कैसा रहेगा और बारिश कब हो सकती है, इसे लेकर लोगों की नजर मौसम के पूर्वानुमान पर है. अगर आप आज घर से निकलकर मंदिर या किसी जन्माष्टमी कार्यक्रम में जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो मौसम का अपडेट जानना आपके लिए जरूरी है.
जमशेदपुर में आज मौसम का मिजाज बादल, उमस और बारिश की संभावना वाला रहने की उम्मीद है. मौसम पूर्वानुमान के अनुसार दिन की शुरुआत आंशिक धूप के साथ हो सकती है लेकिन दिन बढ़ने के साथ बादल छाने और बारिश के दौर शुरू होने की संभावना है. शहर में आज एक-दो दौर में बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ सकती है.
दोपहर से शाम तक बारिश के आसार
आज बारिश को लेकर सबसे ज्यादा नजर दोपहर से शाम के बीच रहेगी. उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच बारिश की संभावना बन सकती है. इसके बाद दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक भी बादल छाने और बौछार पड़ने के आसार बने रह सकते हैं.
वहीं शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक बारिश की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं होगी. रात में भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बौछार का दौर देखने को मिल सकता है. हालांकि, मौसम का यह पूर्वानुमान संभावित समय-सीमा है. इसे किसी निश्चित घंटे में बारिश होने की गारंटी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.
गरज-चमक के साथ चल सकती है तेज हवा
बारिश के साथ आज गरज-चमक और वज्रपात की संभावना भी है. मौसम विभाग के अनुसार, कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. ऐसे में अगर जन्माष्टमी के किसी आयोजन में खुले स्थान पर जाना है, तो मौसम में अचानक बदलाव को ध्यान में रखना जरूरी होगा.
32 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान
जमशेदपुर में आज न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री और अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश के कारण तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन बारिश से पहले उमस महसूस हो सकती है.
कुल मिलाकर जन्माष्टमी के दिन जमशेदपुर में मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है. दोपहर से शाम के बीच बारिश के दौर बन सकते हैं और रात तक भी हल्की बौछार की संभावना बनी रह सकती है. इसलिए जन्माष्टमी के कार्यक्रम में जाने वाले लोग छाता साथ रखें और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें.
