Jamshedpur News : सुस्ती या लापरवाही : छह माह पूर्व दो ट्रांसफॉर्मरों के लिए पीएचइडी विभाग ने जमा कराये 84 लाख, अबतक नहीं हुई आपूर्ति

Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम के बोड़ाम-पटमदा और सरायकेला के दो प्रखंडों में घर-घर जलापूर्ति योजना ट्रांसफॉर्मर आपूर्ति नहीं होने से अधर में लटकी है.

गांव में घर-घर शुद्ध पानी की आपूर्ति के लिए 2022 में योजना को दी गयी मंजूरी

2025 योजना के आधारभूत संरचना को कर लिया गया तैयार

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पूर्वी सिंहभूम के बोड़ाम-पटमदा और सरायकेला के दो प्रखंडों में घर-घर जलापूर्ति योजना ट्रांसफॉर्मर आपूर्ति नहीं होने से अधर में लटकी है. पीएचइडी विभाग ने मार्च 2025 में ही बिजली विभाग को ट्रांसफॉर्मर खरीद और स्थापना के लिए 84 लाख रुपये नियमानुसार जमा करा दिये, लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी ट्रांसफॉर्मर की खरीद और आपूर्ति नहीं की जा सकी है. उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार वर्ष 2022 में झारखंड सरकार ने चांडिल डैम से दोनों जिलों के प्रखंडों में जलापूर्ति परियोजना को मंजूरी दी थी. अगस्त 2025 तक परियोजना के तहत पाइपलाइन, इंटेकवेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) सहित सभी आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया.

जानकारी के मुताबिक बोड़ाम-पटमदा के लिए 1000 एमवीए क्षमता का ट्रांसफॉर्मर खरीदने के लिए 44 लाख रुपये और सरायकेला के दो प्रखंडों के लिए 40 लाख रुपये बिजली विभाग को उपलब्ध कराये गये. इसके बावजूद विभाग ने न तो ट्रांसफॉर्मर खरीदे और न ही उन्हें लगाया. परिणामस्वरूप करोड़ों रुपये की लागत से बनी जलापूर्ति परियोजना समय पर शुरू नहीं हो पा रही है और ग्रामीणों को अब भी स्वच्छ पेयजल की सुविधा का इंतजार है.

प्रोजेक्ट से 32,900 घरों में प्रतिदिन शुद्ध पानी की आपूर्ति की जायेगी

पूर्वी सिंहभूम के पटमदा-बोड़ाम प्रखंड में उक्त जलापूर्ति योजना से 32,900 घरों में प्रतिदिन शुद्ध पानी की आपूर्ति की जायेगी. इसके लिए पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है.

टेस्टिंग के लिए 500 एमवीए क्षमता का ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध कराया

सूत्रों के मुताबिक बिजली विभाग ने आमझोर (बोड़ाम प्रखंड) में उक्त जलापूर्ति प्रोजेक्ट में जलस्त्रोत से पानी खींचने, जलमीनार में पानी भरने, पाइप में पानी छोड़ने आदि की टेस्टिंग के लिए 500 एमवीए क्षमता का ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध कराया है.

वर्जन…

पटमदा-बोड़ाम के अलावा सरायकेला के दो प्रखंडों में जल्द 1000-1000 एमवीए क्षमता का ट्रांसफॉर्मर लगाया जायेगा. रांची मुख्यालय में इसके लिए प्रक्रिया चल रही है. आमतौर पर इतनी क्षमता के ट्रांसफॉर्मरों का इस्तेमाल बिजली विभाग नहीं करता है. इस कारण विभाग द्वारा टेंडर कर उक्त क्षमता के ट्रांसफॉर्मरों को बनाकर आपूर्ति करने में वक्त लग रहा है.

अजित कुमार, बिजली जीएम, जमशेदपुर एरिया बोर्ड.

जलापूर्ति प्रोजेक्ट के लिए पीएचइडी विभाग ने ससमय 1000-1000 एमवीए क्षमता के ट्रांसफॉर्मरों के लिए बिजली विभाग को 84 लाख रुपये छह माह पूर्व ही जमा कराया है. लेकिन ट्रांसफॉर्मरों की आपूर्ति अबतक नहीं हुई है. प्रोजेक्ट में 1000 एमवीए क्षमता का ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों को रिमाइंडर भी किया गया है.

सुमित कुमार, कार्यपालक अभियंता, पीएचइडी, आदित्यपुर प्रमंडलB

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Author: RAJESH SINGH

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