जमशेदपुर.
प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी आरएस पांडेय की कोर्ट ने शुक्रवार को बैंक ऑफ इंडिया गोलमुरी ब्रांच से छह लाख लोन के केस में साक्ष्य के अभाव में आरोपी विजय अग्रवाल को बरी कर दिया. कोर्ट में बचाव पक्ष से अधिवक्ता बलाई पंडा ने पैरवी की. अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी ने बैंक से लोन लिया था, लोन नहीं चुकाने पर बैंक ने 406, 420 आइपीसी धारा (धोखाधड़ी) लगाकर नामजद का केस किया था, जबकि मामला बैंक प्रबंधन को मनी सूट का केस करना चाहिए था. मामला वर्ष 2012-13 का था. केस में अनुसंधान पदाधिकारी समेत छह लोगों ने गवाही दी थी.