जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के प्रथम दीक्षांत समारोह में 28 छात्राओं को मिला गोल्ड मेडल

जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने के दिशा में अहम भूमिका रही है, इसका सफर श्रेष्ठतम रहा है. बेटियाें ने साबित किया है कि वे किसी से कम नहीं.

देश की बेटियां पूरे आत्मविश्वास के साथ हर क्षेत्र में खुद को साबित कर रही हैं व श्रेष्ठता का परचम लहरा रही हैं. जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने के दिशा में अहम भूमिका रही है, इसका सफर श्रेष्ठतम रहा है. बेटियाें ने साबित किया है कि वे किसी से कम नहीं. अगर आपमें आत्मविश्वास है, तो आपकी जीत निश्चित है और आप सब कुछ प्राप्त कर सकती हैं. उक्त बातें झारखंड के राज्यपाल राज्यपाल सह कुलाधिपति सीपी राधाकृष्णन ने कहीं. वे शनिवार को सिदगोड़ा स्थित कैंपस में जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी का प्रथम दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे.

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कोल्हान में महिला शिक्षा का प्रमुख केंद्र जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी

राज्यपाल ने कहा कि जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी पूरे कोल्हान में महिला शिक्षा का प्रमुख केंद्र है. आज इस विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक दिन है. विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह है. विश्वविद्यालय के आकाश पर आज सितारे चमक रहे हैं. राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की भी चर्चा की. कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही महत्वपूर्ण है. अच्छे स्वास्थ्य से ही अच्छी तरह से शिक्षा लाभ हासिल कर सकते हैं. हेल्थ और हैप्पीनेस दोनों ही जरूरी है. छात्राओं से कहा कि आप खुद में आत्म विश्वास पैदा करें, आप सब कुछ प्राप्त कर सकती हैं. आगे उन्होंने कहा कि आप स्वयं अपना व्यक्तित्व निर्माण करें.

ऐसे किया गया राज्यपाल का स्वागत

इससे पूर्व यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ अंजिला गुप्ता के नेतृत्व में राज्यपाल का झारखंड नृत्य, परेड के साथ स्वागत किया गया. यूनिवर्सिटी में प्रवेश करते ही उन्होंने रुद्राक्ष का पौधरोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इसके बाद राज्यपाल ने यूनिवर्सिटी के सेंट्रल लाइब्रेरी सावित्री बाई फुले पुस्तकालय एवं ग्राउंड फ्लोर में स्थित सुवर्णरेखा ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया. इसके बाद ड्रेस कोड में बतौर मुख्य अतिथि समारोह में शामिल हुए. समारोह की अध्यक्षता कुलपति डॉ अंजिला गुप्ता ने की. उन्होंने अपने संबोधन में वीमेंस कॉलेज से यूनिवर्सिटी बनने तक के सफर की जानकारी साझा की.

समारोह में 702 छात्राओं को मिली डिग्री

उन्होंने कहा कि वर्ष 1955 में पेरिंस सी मेहता द्वारा किया गया बीजारोपण आज वट वृक्ष बन कर झारखंड की बेटियों को शिक्षित कर रहा है. समारोह में 702 छात्राओं को डिग्री प्रदान की गयी. इनमें से विभिन्न विषयों में टॉपर 28 छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया.

समारोह में 2021-2023 की स्नातकोत्तर मानविकी, समाज विज्ञान, विज्ञान, वाणिज्य, बीएड, एमएड, बीपीएड की छात्राएं शामिल हैं. जिन्हें मेडल और डिग्री प्रदान की गयी. सभी छात्राएं व शिक्षक ड्रेस कोड में शामिल हुए. मंच पर एसडब्ल्यू डॉ किश्वर आरा, कुल सचिव प्रो राजेंद्र जायसवाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ राम सुब्रह्मण्यम, यूनिवर्सिटी प्रेस कमेटी के डॉ सनातन दीप, डॉ मनीष टाइट्स, डॉ पुष्पा कुमारी समेत अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे. कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गान के साथ हुआ.

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राज्यपाल का किया गया स्वागत

कैंपस में प्रवेश करने के बाद राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को मंच पर लाया गया. उनके साथ विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ अंजिला गुप्ता, कुलसचिव प्रो राजेंद्र जायसवाल, सभी सिंडिकेट सदस्य, विभिन्न संख्याओं के प्रमुख शामिल हुए. संगीत विभाग अध्यक्ष सनातन दीप के नेतृत्व में विभाग की छात्राओं ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया. इसके बाद दीप प्रज्वलन एवं राज्यपाल सह कुलाधिपति की अनुमति से दीक्षांत समारोह की शुरुआत हुई. इस दौरान विभिन्न संकाय एवं विषयों की टॉपर छात्राओं को राज्यपाल ने गोल्ड मेडल एवं डिग्री प्रदान कर सम्मानित किया.

28 छात्राओं को मिला गोल्ड मेडल

बांग्ला-ब्यूटी चक्रवर्ती, अर्थशास्त्र-सिमरन साह, अंग्रेजी-श्रेया गुहा, भूगोल-सुरभि जे मिंज, हिंदी-तहसीन परवीन, इतिहास-किरण दीप कौर, गृह विज्ञान-सुनीता मुंडरी, संगीत-अपूर्व श्रीवास्तव, ओडिया-नर्मदा कुमारी महापात्र, दर्शनशास्त्र-उर्मिला माडी, राजनीति शास्त्र-अनुप्रिया, मनोविज्ञान-नेहा शर्मा, संस्कृत-मनीषा महतो, उर्दू-सगुफ्ता तरन्नुम, वनस्पति शास्त्र-स्वाति कुमारी, रसायन शास्त्र-महुआ दास, गणित-मनीष शुक्ला, भौतिक-खुशबू कुमारी, जंतु विज्ञान-निशा मांझी, वाणिज्य-श्वेता कुमारी पटेल, बायोटेक्नोलॉजी-जरा हयात अंसारी, एमबीए-शालिनी कुमारी, एमसीए-मेघनाथ पत्तने, लाइब्रेरी साइंस-पामेला दत्ता, एमएड-रितिका सिंह, श्रेया चटर्जी, बीएड-रक्षा सिंह, बीपीएड-प्रीति कुमारी.

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By Mithilesh Jha

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