Jamshedpur News : बिजली दरों में 20 पैसे तक की कटौती का प्रस्ताव, बुनियादी ढांचे पर खर्च होंगे 70 करोड़

गोलमुरी क्लब में मंगलवार को झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा द टाटा पावर कंपनी लिमिटेड (टीपीसीएल) के वर्ष 2024-25 का टू अप वर्ष 2025-26 का एपीआर एवं वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 का बिजनेस प्लान एवं 'मल्टी इयर टैरिफ' निर्धारण करने के आवेदन पर जनसुनवाई हुई.

टाटा पावर की जनसुनवाई : जोजोबेड़ा यूनिट 2 और 3 के आधुनिकीकरण पर जोर

Jamshedpur News :

गोलमुरी क्लब में मंगलवार को झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा द टाटा पावर कंपनी लिमिटेड (टीपीसीएल) के वर्ष 2024-25 का टू अप वर्ष 2025-26 का एपीआर एवं वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 का बिजनेस प्लान एवं ”मल्टी इयर टैरिफ” निर्धारण करने के आवेदन पर जनसुनवाई हुई. आयोग के चेयरमैन नवनीत कुमार की अध्यक्षता व विधिक सदस्य महेंद्र प्रसाद की मौजूदगी में सुनवाई हुई. इस दौरान कंपनी ने उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा प्रस्ताव रखते हुए एनर्जी चार्ज में कटौती की बात कही. वहीं भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए 70 करोड़ के निवेश का खाका पेश किया. टाटा पावर ने अपने बिजली दर और मल्टी इयर टैरिफ प्रस्ताव में बताया कि ”शक्ति कोल” के इस्तेमाल से बिजली उत्पादन की लागत कम हुई है. इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को देते हुए कंपनी ने निम्नलिखित कटौती का प्रस्ताव दिया है. जिसमें यूनिट-2 में एनर्जी चार्ज में 20 पैसे प्रति यूनिट की कमी और यूनिट 3 में एनर्जी चार्ज में 14 पैसे प्रति यूनिट की कमी शामिल है. कंपनी ने जानकारी दी कि इससे पहले भी वर्ष 2024-25 में यूनिट-2 और 3 में दरें कम की गयी थीं और 6.67 करोड़ टाटा स्टील लिमिटेड को वापस किये गये थे. सुनवाई में कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए यूनिट-2 से 855.63 मिलियन यूनिट और यूनिट-3 से 767.45 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान पेश किया. साथ ही 14 अक्तूबर 2025 से एफजीडी सिस्टम चालू होने के कारण आंतरिक बिजली खपत में 1% की वृद्धि होने की संभावना जतायी गयी है, जिसके लिए कंपनी भविष्य में अलग से दावा पेश करेगी.

आधुनिकीकरण के लिए 70 करोड़ का निवेश

प्लांट की दक्षता, सुरक्षा और उपकरणों के अपग्रेडेशन के लिए आगामी पांच वर्षों (2026-27 से 2030-31) में 70 करोड़ निवेश का प्रस्ताव है. कंपनी ने प्लांट की सुरक्षा और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए बजट प्रस्तावित किया है. ऐश कन्वेयिंग पाइप और बेन्ड्स के लिए अलग से बजट रखा है. ताकि पर्यावरण नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके. इसके अलावा, एएचपी ट्यूब रिप्लेसमेंट, फायर इक्विपमेंट सिस्टम के अपग्रेडेशन और चिमनी की मरम्मत, आइटी इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बजट का प्रावधान किया गया है.

खतरे की घंटी है क्षतिग्रस्त पाइपलाइन : चेयरमैन

सुनवाई के दौरान आयोग के चेयरमैन नवनीत कुमार ने कहा कि ऐश पाइपलाइन का क्षतिग्रस्त होना जन स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी है. उन्होंने कंपनी को निर्देश दिया कि प्लांट की दक्षता के लिए निवेश अच्छी पहल है, लेकिन पाइप लीकेज को तत्काल ठीक किया जाये. कंपनी अपने निवेश प्लान की ऑडिट रिपोर्ट 10 मार्च तक अनिवार्य रूप से जमा करे.

क्या केवल खानापूर्ति हो रही है : विधिक सदस्य

आयोग के विधिक सदस्य महेंद्र प्रसाद ने आंकड़ों की पुनरावृत्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि कंपनी द्वारा दिये गये पांच वर्षों के प्लान में कई जगह एक ही आंकड़े दिख रहे हैं. जिसकी जांच की जायेगी. कहीं यह केवल खानापूर्ति तो नहीं है. उन्होंने टाटा स्टील द्वारा कोई आपत्ति दर्ज न कराने पर भी सवाल उठाया.

स्थानीय लोगों ने उठाया मामला

टाटा पावर की पांच, छह, सात व आठ जनरेशन यूनिट भी है. इसके बावजूद टाटा स्टील बाहर से बिजली खरीद रही है. चिमनी-बैटरी अपग्रेडेशन का पैसा लिया जा रहा है, लेकिन धरातल में पैसा खर्च होता है या नहीं, इसका भौतिक सत्यापन हो.

-राजेश सिंह

हम टाटा पावर के बगल में स्थित बस्ती के निवासी हैं. कंपनी का यहीं से चार किलोमीटर लंबा ऐशलरी का पाइप है. पाइप फटने से स्थानीय लोग परेशान हैं. कांबी मिल के आसपास प्रदूषण सबसे ज्यादा है.

– दिलीप सिंह

जोजोबेरा चहारदीवारी के बगल में हमेशा पाइप फटने से आम जनता परेशान रहती है. छत पर इतना फ्लाई ऐश गिरता है कि आज जनता का छत पर सोना भी मुश्किल है.

-नारायण चंद्र वर्माB

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By RAJESH SINGH

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