डीसी ने मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री रोकने के दिये निर्देश
दवा दुकानों और पुनर्वास केंद्रों की होगी निगरानी
jamshedpur news :
नशा मुक्त समाज की दिशा में कड़ा कदम उठाते हुए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ड्रग पेडलर अब प्रशासन की रडार पर हैं. मंगलवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित नार्कोटिक्स समन्वय समिति (एनकोर्ड) की बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री रोकने के लिए कई निर्देश दिये गये. उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान के 100 मीटर दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री बर्दाश्त नहीं होगी. सभी सरकारी-निजी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश-निकास द्वार सहित पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने और कम से कम एक माह का बैकअप रखने को कहा गया.बैठक में नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की समीक्षा करते हुए भर्ती व्यक्तियों के मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य की नियमित जांच और काउंसेलिंग सुनिश्चित करने को कहा गया. साथ ही लगभग 600 पंजीकृत दवा दुकानों में प्रतिबंधित दवाओं की सूची अनिवार्य रूप से लगाने का निर्देश दिया गया तथा बिना प्रिस्क्रिप्शन दवा बेचने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गयी. साथ ही टोल फ्री हेल्पलाइन 112 आपातकालीन सेवा पर मिली शिकायतों का डेटा पोर्टल पर अपलोड करने, थाना स्तर पर इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करने और नशा कारोबारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये गये. बैठक में ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग, रेल एसपी अजीत कुमार, एसडीएम धालभूम अर्णव मिश्रा और अन्य विभागीय पदाधिकारी मौजूद थे.
