Fact Check : सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जो झारखंड के जमशेदपुर का बताया जा रहा है. इस वीडियो के माध्यम से एक गलत जानकारी वायरल की जा रही है. आइए आपको पूरी हकीकत बताते हैं. दरअसल, हैरान करने वाली घटना में एक शख्स दिन के उजाले में सड़क के किनारे कचरा फेंकते हुए नजर आ रहा है. वह कार में बैठा हुआ है. जब सड़कों को साफ रखने के लिए लगातार काम करने वाली एक एनजीओ ने उनसे सवाल किया, तो उन्होंने तरह-तरह के बहाने दिए. इस घटना से सोशल मीडिया यूजर गुस्से में हैं.
कचरा फेंकने वाला शख्स, एनजीओ में कार्यरत व्यक्ति से बहस करता वीडियो में दिख रहा है. कार में बैठे शख्स का नाम अनुज कुमार सिन्हा बताकर कुछ लोग भ्रम पैदा करते नजर आ रहे हैं. जब हमने श्री सिन्हा से बात की, तो उन्होंने बताया कि इस वीडियो से मेरा कोई लेना–देना नहीं हैं. जमशेदपुर में मैं 15 साल पहले कार्यरत था. पिछले 6 महीने से मैं जमशेदपुर गया भी नहीं. कचरा फेंकने वाले शख्स का चेहरा और मेरा चेहरा बिल्कुल अलग है.
मेरे पास जो कार है उसका रजिस्ट्रेशन झारखंड का है: अनुज कुमार सिन्हा
उन्होंने बताया कि वीडियो में जो कार नजर आ रही है, वह दिल्ली नंबर है. मेरे पास जो कार है उसका रजिस्ट्रेशन झारखंड का है. यह कार साल 2010 में रजिस्टर्ड करवाया गया है. वायरल हो रहे वीडियो के कमेंट में श्री सिन्हा ने लिखा–बकवास है. ये गाड़ी मेरी नहीं है. कैसे अपने प्रभात खबर और अनुज कुमार सिन्हा का उल्लेख किया. ये दिल्ली का नंबर है. मेरी गाड़ी झारखंड में रजिस्टर्ड है. किसी और अनुज कुमार सिन्हा को आपने प्रभात खबर और मुझसे जोड़ दिया.जमशेदपुर पुलिस तुरंत करवाई करे.
श्री सिन्हा ने कहा कि इस पोस्ट को एक्स को हटा देनी चाहिए. इससे भ्रामक जानकारी वायरल हो रही है. लोगों को सही जानकारी मिलनी चाहिए.
यूजर वायरल वीडियो पर लगातार कर रहे हैं कमेंट
कुछ यूजर कह रहे हैं कि वीडियो में नजर आ रहा शख्स अनुज कुमार सिन्हा नहीं हैं. विजय चौहान नाम के यूजर ने लिखा कि वीडियो में नजर आ रहा शख्स डॉ अनुज है. वह यूट्यूब चैनल चलाते हैं. जहां तक अनुज कुमार सिन्हा की बात है, वो जाने माने पत्रकार हैं. प्रभात खबर को उन्होंने जमशेदपुर ही नहीं, पूरे झारखंड में नई ऊंचाई दी है.
