वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
बर्मामाइंस इस्ट प्लांट बस्ती क्षेत्र में पिछले कई दिनों से हो रही गंदे पानी की आपूर्ति के खिलाफ स्थानीय निवासियों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा. आक्रोशित बस्तीवासियों ने विरोध में इस्ट प्लांट बस्ती स्थित वाटर प्लांट के समक्ष प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पानी का रंग मटमैला है. पानी का उपयोग करने से बच्चे और बुजुर्ग लगातार बीमार पड़ रहे हैं. कई लोग पेट से संबंधित बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं.
बार-बार शिकायत करने के बाद भी जब कंपनी प्रबंधन ने स्थिति में सुधार नहीं किया, तो लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा. नेताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि स्वच्छ पेयजल नागरिकों का बुनियादी अधिकार है. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द साफ पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की गयी, तो लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
तकनीकी खराबी और पाइपलाइन लीकेज है वजह
बस्तीवासी गंगाधर पांडेय ने बताया कि टाटा यूआईएसएल की तकनीकी टीम ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया. प्रारंभिक जांच के बाद कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि जल हाइड्रेंट को जोड़ने वाली नयी पाइपलाइन में अचानक लीकेज (रिसाव) होने के कारण पानी में गंदगी मिल रही थी. प्रभावित पाइपलाइन से होने वाली जलापूर्ति को अस्थायी रूप से रोक दिया है और मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है.
