9वीं में देखा डॉक्टर बनने का सपना, नीट यूजी में फरहान को मिली शानदार सफलता

जमशेदपुर के फरहान अहमद ने नीट यूजी 2026 में 644 अंक और 99.90 परसेंटाइल के साथ 1941वीं रैंक प्राप्त कर डॉक्टर बनने के अपने सपने को साकार किया है. उनकी प्रेरणा और सफलता के मंत्र जानें.

जमशेदपुर: नीट यूजी 2026 का रिजल्ट जारी हो चुका है और इस बार जमशेदपुर के कई छात्रों ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता हासिल की है. इन्हीं सफल छात्रों में धातकीडीह निवासी मो. फरहान अहमद भी शामिल हैं. सेंट मेरीज इंग्लिश स्कूल के छात्र फरहान ने 644 अंक और 99.90 परसेंटाइल के साथ ऑल इंडिया 1941वीं रैंक प्राप्त की है. उनके पिता मो. मुश्ताक अहमद सिविल कॉन्ट्रैक्टर हैं. वहीं माता नुसरत परवीन गृहिणी हैं. डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर बढ़ते हुए फरहान ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है. अपनी सफलता और तैयारी के अनुभव को लेकर उन्होंने प्रभात खबर से विशेष बातचीत की.

डॉक्टर बनने की प्रेरणा कैसे मिली?

फरहान ने बताया कि उनके घर के पास ही टाटा मेन हॉस्पिटल है. बचपन से वे डॉक्टरों को देखते थे. लोगों के बीच डॉक्टरों को मिलने वाला सम्मान देखकर वे काफी प्रभावित हुए. इसी से प्रेरणा लेकर उन्होंने नौवीं कक्षा में ही तय कर लिया था कि उन्हें डॉक्टर बनना है. उन्होंने बताया कि उनके परिवार में पहले कोई भी इस पेशे से जुड़ा नहीं है. इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत की.

सफलता का मूलमंत्र क्या रहा?

फरहान ने बताया कि उन्होंने आकाश इंस्टीट्यूट से नीट की तैयारी की. स्कूल और कोचिंग के बाद वे रोजाना चार से पांच घंटे घर पर सेल्फ-स्टडी करते थे. पढ़ाई के दौरान तनाव कम करने के लिए वे वॉक करते थे या परिवार के साथ समय बिताते थे. उन्होंने बताया कि नियमित पढ़ाई. अनुशासन और परिवार के सहयोग से उन्हें यह सफलता मिली.


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