झारखंड आंदोलन के महानायक और करोड़ों लोगों के 'दिशोम गुरु' शिबू सोरेन की याद में मंगलवार को साकची का माहौल भावुक हो गया. उनकी पहली पुण्यतिथि पर जुबली पार्क गेट गोलचक्कर में उनके नाम पर पत्थलगड़ी की गई. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में यहां पहुंचे. पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद शिबू सोरेन के नाम का शिलापट्ट स्थापित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई. कार्यक्रम के दौरान दिशोम गुरु अमर रहें और जोहार शिबू सोरेन के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा.
संघर्ष और योगदान को किया याद
कार्यक्रम में मौजूद झामुमो नेताओं ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने अलग झारखंड राज्य के आंदोलन को नई पहचान दिलाई. उन्होंने आदिवासियों, मूलवासियों, किसानों, मजदूरों और वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया. नेताओं ने कहा कि उनका जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया.
राज्यभर में मनाई जा रही पहली पुण्यतिथि
बता दें कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का 4 अगस्त 2025 को लंबी बीमारी के बाद नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया था. उनके निधन के बाद पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई थी. उनकी पहली पुण्यतिथि पर जमशेदपुर समेत राज्य के कई जिलों में श्रद्धांजलि सभा, माल्यार्पण और स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इस मौके पर लोगों ने उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
