पहाड़ी के पास लावारिस मिला बच्चा, पुलिस जांच में खुला राज; सामने आई चौंकाने वाली कहानी

कोवाली थाना क्षेत्र में लावारिस बच्चे के मिलने की खबर ने हड़कंप मचा दिया. पुलिस की त्वरित जांच में सामने आया कि यह मामला पारिवारिक कलह से जुड़ा था, और बच्चा वास्तव में लावारिस नहीं था.

कोवाली : कोवाली थाना क्षेत्र के पांड़ियासाई गांव की पहाड़ी के समीप सोमवार को लावारिस हालत में बच्चे के मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गयी. सूचना मिलते ही कोवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान कुछ ही घंटों में पूरे मामले की तस्वीर बदल गयी. पुलिस को पता चला कि बच्चा टांगराइन गांव के एक दंपती का है. उसके लावारिस मिलने की कहानी वास्तविकता से अलग है.

माता-पिता में चल रहा था विवाद

पुलिस की जांच में सामने आया कि बच्चे के माता-पिता के बीच विवाद चल रहा था. विवाद के बाद बच्चे की मां घर से चली गयी थी, जबकि बच्चे के पिता शराब पीने का आदी है. ऐसी स्थिति में बच्चे की देखभाल के लिए कोवाली की एक दंपती उसे अपने पास ले आयी थी. बताया गया कि संबंधित दंपती पिछले तीन दिनों से बच्चे की देखभाल कर रही थी.

पहाड़ी के नीचे लावारिस हालत में मिला बच्चा

सोमवार को पहाड़ी के नीचे बच्चे के लावारिस हालत में मिलने की सूचना पुलिस को दी गयी. सूचना के बाद कोवाली पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू की. जांच करते हुए पुलिस उस दंपती के घर पहुंची, जहां से बच्चे को बरामद किया गया. पुलिस के पहुंचने पर दंपती ने भी बच्चे के लावारिस होने की बात बतायी. इसके बाद पुलिस ने बच्चे को अपने संरक्षण में ले लिया. स्वास्थ्य जांच के लिए सदर अस्पताल ले जाने लगी. इसी दौरान महिला ने थाना प्रभारी मुकेश साव को बच्चे से जुड़ी पूरी जानकारी दी.

बच्चे को बाल कल्याण समिति को किया सुपुर्द

महिला के बयान के बाद बच्चे के लावारिस मिलने की प्रारंभिक कहानी मनगढ़ंत साबित हुई. मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा होने की बात सामने आयी. पुलिस ने बच्चे को सदर अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया. जांच के बाद बच्चे को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सुपुर्द कर दिया गया. थाना प्रभारी मुकेश साव ने बताया कि बच्चे की स्वास्थ्य जांच कराने के बाद उसे सीडब्ल्यूसी को सौंप दिया गया है. आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे के माता-पिता उसे प्राप्त कर सकते हैं.

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लेखक के बारे में

By संजय सरदार

संजय सरदार को पत्रकारिता का 24 वर्षों का अनुभव हैं. वे वर्ष 2002 से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने रांची विश्वविद्यालय से राजनीतिक शास्त्र में स्नातक किया है. ग्रामीण पत्रकारिता पर काफी काम किया है. वर्तमान में वे हाता से प्रतिनिधि हैं.

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