Jamshedpur news. सोनारी गुरुद्वारा प्रधान पद के चुनाव में चार प्रत्याशी धार्मिक स्क्रूटनी में पास, सीजीपीसी की देखरेख में होगा चुनाव

चारों प्रत्याशियों में सहमति बनाने का होगा प्रयास, नहीं बनने पर चुनाव की तिथियों का होगा ऐलान : भगवान सिंह

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सोनारी गुरुद्वारा के प्रधान पद के लिए सात उम्मीदवारों से महज चार ही शनिवार को मनीफीट सोखी कॉलोनी स्थित अकाली दल के कार्यालय में धार्मिक स्क्रूटनी के लिए पहुंचे. अकाली दल के सुखदेव सिंह, गुरदीप सिंह, रविंद्र सिंह, सुरजीत सिंह, राम किशन समेत अन्य सदस्यों ने चार प्रत्याशी बलबीर सिंह, सुखविंदर सिंह, गुरदयाल सिंह व मंजीत सिंह की धार्मिक स्क्रूटनी की. इसकी रिपोर्ट अकाली दल ने सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह को भेज दी है. सोनारी गुरुद्वारा में आम सभा के दौरान सात लोगों ने प्रधान पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी. इनमें अमरजीत सिंह सेमी, हरजीत सिंह बिरदी व महेंद्र सिंह भुई धार्मिक स्क्रूटनी के लिए अकाली दल के सामने नहीं आये. अब चार प्रत्याशियों में चुनाव होगा. सोनारी गुरुद्वारा का चुनाव कराने वाले ट्रस्टियों द्वारा शुक्रवार को अचानक इस्तीफा दे दिये जाने के कारण अब सीजीपीसी नयी चुनाव समिति का गठन कर आगे की कार्रवाई करेगी.

सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने कहा कि चार प्रत्याशियों की दावेदारी को अकाली दल ने वैध माना है. सीजीपीसी के परविंदर सिंह सोहल के नेतृत्व में सोनारी गुरुद्वारा में चुनावी प्रक्रिया को पूरा किया जायेगा. उनके साथ सीजीपीसी के सहयोगियों की भी जल्द घोषणा कर दी जायेगी. पहले चरण में चारों प्रत्याशियों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया जायेगा. नहीं बनने पर चुनाव संबंधी तिथि की घोषणा कर दी जायेगी.

सोनारी के पूर्व प्रधान के साथ हुए विवाद के बाद सामूहिक इस्तीफा

सोनारी गुरुद्वारा के पूर्व प्रधान ने शुक्रवार को एक ट्रस्टी के साथ किये गये विवाद के बाद सोनारी गुरुद्वारा के सभी छह ट्रस्टियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया. सीजीपीसी को लिखे इस्तीफा में ट्रस्टी डॉ हरप्रीत सिंह, भूपेंद्र सिंह धंजल, त्रिलोक सिंह भामरा, गगन सिंह, जगजीत सिंह व मनमोहन सिंह ने अपना इस्तीफा पत्र में कहा कि समयाभाव के कारण वे अपना पद स्वेच्छा से त्याग रहे हैं. सीजीपीसी ने उन पर भरोसा कर काफी बड़ी जिम्मेदारी-मान सौंपा था, जिसके लिए हम शुक्रगुजार रहेंगे. सीजीपीसी के साथ मिलकर ट्रस्टी काफी बेहतर काम भी कर रहे थे. इस अवधि में यह भी देखा गया कि वे अपने पर्सनल व प्रोफेशनल कार्यों को भी बेहतर ढंग से पूरा नहीं कर पा रहे थे. इस कारण उन्होंने सामूहिक रूप से ट्रस्टी के पद से इस्तीफा देने का फैसला किया. सोनारी गुरुद्वारा में वे संगत के साथ मिलकर सेवा के कार्य में शामिल रहेंगे. ट्रस्टियों ने इस्तीफा संबंधी पत्र में विवाद का जिक्र नहीं किया है. सीजीपीसी के चेयरमैन शैलेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधान भगवान सिंह को ट्रस्टियों द्वारा भेजा गया इस्तीफा मिल गया. इस पर कमेटी विचार करेगी.

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