वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
पूर्वी सिंहभूम जिले के डीसी, एडीसी और जिला भू-अर्जन शाखा ने भागाबांदी से ओडिशा बॉर्डर तक पथ के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य के लिए प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी है. परियोजना के तहत डुमरिया अंचल के दो प्रमुख गांवों धोलाबेड़ा और भागाबांदी की कुल 2.279 एकड़ रैयती भूमि अधिग्रहित की जायेगी. अधिसूचना के तहत धोलाबेड़ा में 1.105 एकड़ भूमि का अर्जन होगा. जिसमें रैयतों के तालाब और कृषि क्षेत्र शामिल हैं. वहीं भागाबांदी में 1.174 एकड़ भूमि चिह्नित की गयी है. जिसमें आवास, गोड़ा और दोन भूमि शामिल हैं. प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है.
जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक
प्रशासन ने अधिनियम की धारा 11(4) के प्रावधानों के तहत, 13 जुलाई को अधिसूचना जारी के बाद से चिह्नित भूमि के किसी भी प्रकार की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर रोक लगा दी है. बिना पूर्व अनुमति के किया गया कोई भी लेन-देन अमान्य होगा. प्रभावित रैयत और हितबद्ध व्यक्ति इस भू-अर्जन के खिलाफ प्रकाशन की तिथि से 60 दिनों के भीतर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के कार्यालय में अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं.
भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार चल रही है. प्रभावित रैयतों के हितों का पूरा ध्यान रखा जायेगा और नियमानुसार उचित मुआवजा व पुनर्वास सुनिश्चित किया जायेगा. -राजेश डुंगडुंग, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम
