जमशेदपुर : जमशेदपुर में भ्क्ति व सावन की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सभी का दिल जीत रही है. जमशेदपुर के कीताडीह के रहने वाले ऑटो चालक विनोद कुशवाहा ने अपने ऑटो को ही शिव भक्तों के लिए नि:शुल्क सावन सेवा रथ बना दिया है. इस नि:शुल्क सेवा के बारे में जिसे भी पता चल रहा है वह सराहना करते थक नहीं रहा. यह ऑटो रोज जमशेदपुर से कई शिव भक्तों को सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल स्थित प्राचीन बूढ़ा बाबा शिव मंदिर, जयदा लेकर जाता है. इतना ही नहीं, भक्तों को दर्शन कराने के बाद वापस उनके मंजिल तक भी पहुंचाता है. यह सेवा पूरी तरह नि:शुल्क है. विनोद कुशवाहा ने बताया कि यह सेवा 28 अगस्त तक प्रतिदिन जारी रहेगी.
कौन हैं यह ऑटो चालक, क्यों अपनी कमाई छोड़ कर रहे सेवा
ऑटो चालक जमशेदुपर के कीताडीह के रहने वाले हैं. उनका नाम विनोद कुशवाहा है. वे मूल रूप से छपरा के रहने वाले हैं. प्रभात खबर से बातचीत में उन्होंने बताया - यह सेवा कोई नई नहीं है. मैं पिछले कई सालों से सावन माह में नि:शुल्क सेवा करता आ रहा हूं. आगे भी इस सेवा को जारू रखूंगा. उन्होंने बताया कि इस सेवा के लिए कोई खास संकल्प या अन्य कोई वजह नहीं है. उनका मानना है कि भोले बाबा के भक्तों की सेवा करना उनका सौभाग्य है. उन्होंने कहा - जबतक मैं हूं जमशेदपुर के किसी भी शिव भक्त को जयदा मंदिर में जल चढ़ाने अथवा दर्शन करने में कोई समस्या नहीं होगी.
ऑटो से शुरू हुई सेवा अब मानव सेवा का बना माध्यम
विनोद कुशवाहा का मानना है कि धन, घर, संपत्ति सब यहीं रह जाता है. इसलिए जीवन में कुछ ऐसा करना चाहिए, जो दूसरों के काम आ सके. इसी सोच के साथ वे शिव भक्तों की सेवा में अपने ऑटो को लगा चुके हैं. यह सेवा ऑटो से शुरू हुई जो अब मानव सेवा का माध्यम बन चुकी है. उन्होंने कहा कि अगर भोले की मर्जी रही तो आगे अन्य वाहनों से भी शिव भक्तों की सेवा करेंगे.
आप भी ले सकते हैं इस नि:शुल्क सेवा का लाभ
अगर आप भी इस नि:शुल्क सेवा का लाभ लेना चाहते हैं व चांडिल के जयदा मंदिर में पूजा करना चाहते हैं तो यात्रा की योजना बनाने से एक घंटे पहले विनोद कुशवाहा से संपर्क करना होगा. इसके लिए मोबाइल नंबर है - 9905028604. विनोद कुशवाहा ने बताया कि जो भी भक्त इस नंबर पर उनसे संपर्क करता है उसे घर से जयदा मंदिर तक ले जाने व दर्शन करने के बाद वापस घर पहुंचाने की जिम्मेदारी उनकी होगी. यह पहल उन लोगों के लिए भी खास है जो सावन के महीने में भोले के दर्शन तो करना चाहते हैं लेकिन साधन नहीं है.
