लापरवाही. सलवार, सूट व ओढ़नी पहन कार्य कर रही महिलाकर्मी, यजाकी कंपनी में सुरक्षा की अनदेखी

जमशेदपुर: टाटा मोटर्स में यजाकी इंडिया प्रा. लि. की महिला कर्मी सलवार, सूट और ओढ़नी पहन कार्य कर रही है. सुरक्षा की दृष्टकोण से महिलाओं का ओढ़नी के साथ कार्य करना खतरनाक है. ऐसे में महिलाएं सुरक्षा नियमों को ताक पर रख कार्य कर रही हैं. जबकि सुरक्षा की दृष्टिकोण से कार्य के दौरान महिलाओं […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 15, 2017 8:09 AM
जमशेदपुर: टाटा मोटर्स में यजाकी इंडिया प्रा. लि. की महिला कर्मी सलवार, सूट और ओढ़नी पहन कार्य कर रही है. सुरक्षा की दृष्टकोण से महिलाओं का ओढ़नी के साथ कार्य करना खतरनाक है. ऐसे में महिलाएं सुरक्षा नियमों को ताक पर रख कार्य कर रही हैं. जबकि सुरक्षा की दृष्टिकोण से कार्य के दौरान महिलाओं को कोटी पहनना होता है.

ताकि किसी मशीन या बड़े पंखे में उनकी ओढ़नी नहीं फंसे. पूर्व में यजाकी इंडिया में कार्य करने के दौरान एक महिलाकर्मी की ओढ़नी पंखे में फंस गयी थी, लेकिन किसी तरह के जान माल का नुकसान नहीं हुआ था. हालांकि कंपनी प्रबंधन इस तरह की बात से इनकार कर रही है. यजाकी कंपनी में टाटा मोटर्स में बनने वाले वाहनों की वायरिंग बनती है.

पैंट की कपड़े की तरह मिल रहा है मोटा कपड़ा. यजाकी में महिला कर्मियों को ड्रेस के नाम पर ग्रे चेक कलर का सलवार सूट व दुपट्टा दिया जाता है. कंपनी के तरफ से स्थायी कर्मी को जो ड्रेस दिया जाता है उसका कपड़ा काफी मोटा है.
अस्थायी कर्मियों को नहीं मिलती है ड्रेस
अस्थायी महिलाकर्मी को ड्रेस के तौर पर कुछ नहीं दिया जाता है. वे लोग अपना सलवार, सूट व ओढ़नी पहनती है और कंपनी में उन्हें एेपरॉन दिया जाता है.
50 स्थायी महिलाकर्मी है कार्यरत
यजाकी इंडिया प्रा.लि में लगभग 50 स्थायी और 200 की अस्थायी महिलाकर्मी कार्यरत हैं.
कहां-कहां घटना की ज्यादाहै संभावना कटिंग मशीन, टर्मिनल, किंग बोर्ड अौर पंखा आदि जगहों पर ओढ़नी फंसने की संभावना ज्यादा रहती है.
टाटा मोटर्स में सेफ्टी पर विशेष ध्यान
टाटा मोटर्स में सेफ्टी के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किये जाते हैं. कंपनी परिसर में काम करने वाले स्थायी कर्मचारी हो या फिर अस्थायी कर्मचारी चाहे सभी का विशेष ध्यान रखा जाता है.