डीएसइ ने शिक्षकों को किया अपमानित!
जमशेदपुर . झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ का आरोप, निंदा प्रस्ताव भी किया गया पारित... जमशेदपुर : झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की पटमदा इकाई ने जिला शिक्षा अधीक्षक पर शिक्षकों को अपशब्द कहने व अपमानित करने का आरोप लगाया है. इसे लेकर शनिवार को पटमदा में संघ की पटमदा व बोड़ाम अंचल शाखा की संयुक्त बैठक […]
जमशेदपुर . झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ का आरोप, निंदा प्रस्ताव भी किया गया पारित
जमशेदपुर : झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की पटमदा इकाई ने जिला शिक्षा अधीक्षक पर शिक्षकों को अपशब्द कहने व अपमानित करने का आरोप लगाया है. इसे लेकर शनिवार को पटमदा में संघ की पटमदा व बोड़ाम अंचल शाखा की संयुक्त बैठक हुई. इसमें पिछले 29 दिसंबर को जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसइ) के कार्यालय कक्ष में संपन्न समीक्षा बैठक की चर्चा की गयी. बैठक विद्यालय में बेंच-डेस्क की खरीदारी व विद्युतिकरण को लेकर थी. संघ की ओर से कहा गया कि बैठक के दौरान डीएसइ बांके बिहारी सिंह ने शिक्षकों को कई अपशब्द कह कर अपमानित किया. इसे लेकर संघ ने बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित किया.
साथ ही जनप्रतिनिधि, विभागीय उच्चाधिकारियों तथा संगठन के जिला व प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों ने निंदा प्रस्ताव की जानकारी देने का निर्णय लिया गया. वक्ताओं ने कहा कि विद्यालयों में 26 जनवरी तक बेंच-डेस्क की खरीदारी करनी है. जबकि नोटबंदी के कारण कुछ विद्यालयों का पासबुक अद्यतन नहीं हो सका है और कुछ विद्यालयों में अभी राशि नहीं भेजी गयी है. बैठक में संघ की पटमदा अंचल इकाई के सचिव सुधीर चंद्र मुर्मू, बोड़ाम इकाई अध्यक्ष कालीचरण सिंह सरदार समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे.
भला-बुरा कहा, लेकिन ऐसे अमर्यादित शब्द नहीं कहे
बेंच-डेस्क की खरीदारी राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना है. हर स्कूल में 26 जनवरी तक खरीदारी सुनिश्चित करनी है. इसे लेकर बैठक की थी. तीन महीने पूर्व राशि दी गयी थी, समीक्षा के क्रम में जानकारी मिली कि कार्यादेश का पालन नहीं हुआ. बैठक में यह बात सामने आयी कि एक ही व्यक्ति को बेंच-डेस्क आपूर्ति का कार्य सौंपा गया, जिसमें मिलीभगत की आशंका प्रतीत होती है. खरीदारी में विलंब को लेकर बैठक के दौरान शिक्षकों को भला-बुरा जरूर कहा, लेकिन ऐसे अमर्यादित शब्दों का प्रयोग नहीं किया. न ही मेरी मंशा अपमानित करने की थी. बावजूद शिक्षक यदि ऐसा करने पर उतारू हैं, तो कुछ कहने के बजाय कार्रवाई ही करना उचित होगा.
बांके बिहारी सिंह, जिला शिक्षा अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम
