14 कंपनियों पर हुआ विचार, छह को मिली खनन की हरी झंडी

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम पर्यावरण प्रभाव आकलन समिति ने खनन की इच्छुक 14 कंपनियों के प्रस्ताव पर विचार- विमर्श के बाद छह को खनन करने देने की सहमति प्रदान की. जबकि पांच कंपनियों (मेसर्स विद्यासागर साहू पोटका, मेसर्स मनोज कुमार सिंहदेव पोटका, मेसर्स अमित पॉल पोटका, मेसर्स कृष्णापद महतो केंदागिरि, मेसर्स बाबा भूतनाथ इंटरप्राइजेज सरायकेला) के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 1, 2016 2:37 AM
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम पर्यावरण प्रभाव आकलन समिति ने खनन की इच्छुक 14 कंपनियों के प्रस्ताव पर विचार- विमर्श के बाद छह को खनन करने देने की सहमति प्रदान की. जबकि पांच कंपनियों (मेसर्स विद्यासागर साहू पोटका, मेसर्स मनोज कुमार सिंहदेव पोटका, मेसर्स अमित पॉल पोटका, मेसर्स कृष्णापद महतो केंदागिरि, मेसर्स बाबा भूतनाथ इंटरप्राइजेज सरायकेला) के प्रस्ताव को लंबित रखा गया, एक कंपनी(मेसर्स त्रिवेणी इंजीकॉन) को आपत्ति दूर करने को कहा गया जबकि दो कंपनी(मेसर्स सुजीत कुमार मंडल, पोटका अौर मेसर्स डीलक्स ब्रिक्स, मानगो) के प्रस्ताव पर अगली बैठक में विचार करने को कहा गया. बैठक के बाद जिला स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन के चेयरमैन सह लघु सिंचाई के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार ने बताया कि जिले में खनन वाले प्रस्तावित इलाके के आसपास पेड़ लगाने (जल्दी बड़े होने वाले) का आदेश भी दिया गया है.
केंद्र सरकार ने खनन इलाकों में ग्रीन कॉरिडोर बनाने का दिशा- निर्देश दिया है, इसके लिए खनन कंपनियों को दिशा-निर्देश से अवगत कराया गया है. बैठक में शामिल थे : लघु सिंचाई के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार, सदस्यीय सचिव सह जिला खनन पदाधिकारी वेंकेटेश प्रसाद सिंह, एनआइटी के प्रोफेसर अशोक कुमार, सिविल इंजीनियर डॉ राकेश प्रताप सिंह, क्षेत्रीय प्रदूषण पदाधिकारी सुरेश पासवान समेत 14 कंपनियों के प्रतिनिधि.
छह कंपनियों को खनन करने के प्रस्ताव पर सहमति दी गयी, जबकि आठ का प्रस्ताव लंबित रखा गया है. दो कंपनियों के प्रस्ताव को अगली बैठक में रखने को कहा गया है.
-संजय कुमार, चेयरमैन जिला स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन समिति, पूर्वी सिंहभूम