डेड एकाउंट के इस्तेमाल को बैंकों ने रोका

जमशेदपुर: काले धन को छिपाने के लिए हो रहे डेड एकाउंट के इस्तेमाल को बैंकों ने रोक दिया है. बताया जाता है कि पिछले दस साल से जिस एकाउंट में ट्रांजेक्शन नहीं हुआ, उसमें भी रुपये जमा कराये जा रहे थे. ऐसे डेड एकाउंट के इस्तेमाल को बैंकों ने रोक दिया है और कई नये […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 29, 2016 8:39 AM
जमशेदपुर: काले धन को छिपाने के लिए हो रहे डेड एकाउंट के इस्तेमाल को बैंकों ने रोक दिया है. बताया जाता है कि पिछले दस साल से जिस एकाउंट में ट्रांजेक्शन नहीं हुआ, उसमें भी रुपये जमा कराये जा रहे थे. ऐसे डेड एकाउंट के इस्तेमाल को बैंकों ने रोक दिया है और कई नये नियम लगा दिये हैं. अब तक लोग अपने किसी भी एकाउंट में 50 हजार रुपये से कम (49500 या उसके समकक्ष) रुपये डालते थे तो उसके बदले पैन देना अनिवार्य नहीं होता था.
सिर्फ आधार या कोई भी पहचान पत्र देकर बंद एकाउंट को चालू कराकर पैसे डाल दे रहे थे. अब अगर एक बार में किसी एकाउंट में 49,500 रुपये (50 हजार रुपये से कम) डाल दिया गया और दोबारा अगर रुपया डालकर 50 हजार रुपये के पार एकाउंट चला गया तो वह ट्रांजैक्शन रोक दिया जा रहा है और उसके बदले पैन एकाउंट नंबर मांगा जा रहा है, ताकि आयकर विभाग इस पर नजर रख सके.
ऐसे लोगों पर नजर रखी जा रही है : सेंट्रल बैंक. कई डेड एकाउंट में पैसे डाले जा रहे हैं. ऐसे एकाउंट को हैंडल करने के लिए नयी गाइडलाइन आयी है, जिस पर हमलोग काम कर रहे है.
रामेश्वर रजक, चीफ मैनेजर, सेंट्रल बैंक
डेड एकाउंट का संचालन रोका जायेगा : एलडीएम. डेड एकाउंट के संचालन को हमलोग रोक रहे हैं. नयी गाइडलाइन के तहत कार्रवाई चल रही है.
फाल्गुनी, एलडीएम, जमशेदपुर