आयकर विभाग का कमाल: नाम, पिता का नाम और जन्म तिथि एक जैसा दो व्यक्ति काे दे दिया एक ही पैन

जमशेदपुर :l वैसे तो एक नाम पर दो पैन कार्ड बनाना अपराध है, लेकिन यह कार्य आयकर विभाग ने खुद किया है. विभाग ने एक ही नाम के दो व्यक्तियों, जिनके पिता के नाम और जन्म तिथि भी समान हैं, को दो पैन कार्ड तो बना दिये, लेकिन उनका नंबर एक ही है. जिससे दोनों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 27, 2016 7:47 AM
जमशेदपुर :l वैसे तो एक नाम पर दो पैन कार्ड बनाना अपराध है, लेकिन यह कार्य आयकर विभाग ने खुद किया है. विभाग ने एक ही नाम के दो व्यक्तियों, जिनके पिता के नाम और जन्म तिथि भी समान हैं, को दो पैन कार्ड तो बना दिये, लेकिन उनका नंबर एक ही है. जिससे दोनों परेशान हैं.
एक टाटा मोटर्स के कर्मचारी आशीष कुमार हैं, जो टेल्को के प्रकाशनगर स्थित कामधेनु इंक्लेव का रहने वाले है. उनकी जन्म तिथि 1 मार्च 1981, पिता का नाम गोपाल प्रसाद है. जबकि दूसरे भी आशीष कुमार हैं, पिता का नाम गोपाल प्रसाद और उनकी भी जन्म तिथि 1 मार्च 1981 ही है, सिर्फ पता अलग है. वे बिहार के जमुई जिला के बराहाट के मटिया पोस्ट गांव पारद है. इन दोनों को अलग-अलग पैन कार्ड जारी किया गया है, लेकिन उनका नंबर एक (एएसआरपीके 1525डी (asrpk1525d) है. जमुई के आशीष कुमार प. बंगाल के मालदा जिले में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया में पदस्थापित हैं.

मामले का खुलासा तब हुआ, जब जमुई निवासी आशीष कुमार ने अपनी रिटर्न फाइल करनी चाही. पहले उनकी आमदनी चूंकि पांच लाख से कम थी, इस कारण फॉर्म 16 लेकर ही काम करते थे. आमदनी बढ़ने पर 20012-2013 में जब रिटर्न दाखिल करने गये तो बताया गया कि उनका रिटर्न पहले से ही जमा है. इस बीच दूसरे साल जब टाटा मोटर्स के आशीष कुमार ने रिटर्न दाखिल करना चाहा तो उनको भी यही बताया गया कि उनकी भी रिटर्न फाइल हो चुकी है. उन्होंने पता किया कि यह घालमेल हुआ है. दोनों के बीच आपस में बातचीत हुई. दोनों ने आयकर विभाग से लगातार पत्राचार किया, लेकिन समस्या अब भी बनी हुई है.

जमशेदपुर से लेकर पटना तक दौड़ लगा चुके हैं, अब तो पत्राचार करते-करते थक गये हैं.
आशीष कुमार, टाटा मोटर्स कर्मी, जमशेदपुर
समस्या का असर अभी तो है ही, आने वाले दिनों में भी देखने को मिलेगी. इस कारण इस समस्या का निराकरण जरूरी है.
आशीष कुमार, यूनाइटेड बैंक कर्मी
मालदा, प. बंगाल
यह मामला हमारे पास नहीं आ सका है. एनएसडीएल में अगर इसके लिए आवेदन दिया जाये, तो निश्चित तौर पर सुधार हो जायेगा.
श्याम कुमार, प्रधान आयुक्त, आयकर विभाग