शाेध का लाभ आम जन तक पहुंचे

जमशेदपुर : केंद्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्षवर्द्धन ने कहा कि भारत में याेग्यता की कमी नहीं है जरूरत है कि हम अपनी याेग्यता काे तार्किक निष्कर्ष के साथ किस तरह आम जन तक पहुंचा सकते हैं. सीएसअाआइर-एनएमएल के वैज्ञानिकाें द्वारा किये जा रहे शाेध का लाभ लाेगाें काे कैसे मिले, उन्हें […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 16, 2016 9:01 AM
जमशेदपुर : केंद्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्षवर्द्धन ने कहा कि भारत में याेग्यता की कमी नहीं है जरूरत है कि हम अपनी याेग्यता काे तार्किक निष्कर्ष के साथ किस तरह आम जन तक पहुंचा सकते हैं.
सीएसअाआइर-एनएमएल के वैज्ञानिकाें द्वारा किये जा रहे शाेध का लाभ लाेगाें काे कैसे मिले, उन्हें हम किस तरह इसके साथ जाेड़े.केंद्रीय मंत्री बनने के बाद पहली बार रविवार काे जमशेदपुर पहुंचे डॉ हर्षवर्द्धन ने मैग्नेसियम प्राेजेक्ट के बाद एनएमएल का दाैरा किया. इसके बाद एनएमएल प्रेक्षागृह में माैजूद वैज्ञानिकाें काे संबाेधित करते हुए डॉ हर्षवर्द्धन ने कहा कि ऐसा काेई क्षेत्र नहीं है, जहां सीएसआइआर काम नहीं कर रहा है. इसके बाद भी देश के संस्थान तकनीक का आयात विदेशाें से कर रहे हैं.

डॉ हर्षवर्द्धन ने कहा कि पीएम माेदी के नेतृत्व में काम करने का काफी माैका है, इसलिए वैज्ञानिकाें काे अपनी नयी साेच पर फाेकस करना चाहिए. पीएम माेदी पूरी सक्रियता के साथ देश के निर्माण में आपका साथ चाहते हैं. आज भी काफी लाेग समस्याअाें से ग्रसित हैं. सीएसआइआर ने खारा पानी काे पीने का पानी बनाने की तकनीक छह साल पहले ईजाद कर ली, लेकिन कितने लाेगाें काे इसका फायदा मिला, इसे भी देखना हमारा काम है. उन्हाेंने कहा कि इस संस्थान काे देखकर आैर इसके इतिहास काे जान कर उनके मन में काफी प्रसन्नता हुई. अगली बार जब वे यहां आये ताे उन्हें नये अविष्काराें की जानकारी मिलनी चाहिए.

हमें नये सिरे से इन चुनाैतियाें काे लेना हाेगा : डॉ गिरीश साहनी
सीआइएसआर के महानिदेशक डॉ गिरीश साहनी ने कहा कि सीएसआइआर ने देश के लिए काफी कुछ किया, लेकिन जिस तरह स्टील के दाम गिर रहे हैं, चीन इसे देश में डंप कर रहा है, ताे हमें नये सिरे से इन चुनाैतियाें काे लेना हाेगा. युवा वैज्ञानिक इस क्षेत्र में किस तरह आगे आये, इस पर हमें फाेकस करना हाेगा. स्वागत भाषण देते हुए एनएमएल के निदेशक डॉ बी मुरलीधरन ने कहा कि जमशेदपुर की यह प्रयाेगशाला देश की तरक्की का मंदिर है. शाेध के क्षेत्र में युवा विद्यार्थियाें का रुझान किस तरह हम इस दिशा में करें, इस पर हमें साेचना हाेगा. एनएमएल के वरीय वैज्ञानिक डॉ एनजी गाेस्वामी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया.