शहर के निजी आइटीआइ की जांच
प्रथम चरण में टीम ने जवाब देने वाले 12 संस्थानों को जांच के दायरे में रखा है. जमशेदपुर : श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के निदेशक के निर्देशानुसार शहर के निजी आइटीआइ की जांच शुरू कर दी गयी है. गुरुवार को तीन सदस्यीय टीम ने हरहरगुट्टू एवं करनडीह में जाकर दो आइटीआइ का निरीक्षण किया. […]
प्रथम चरण में टीम ने जवाब देने वाले 12 संस्थानों को जांच के दायरे में रखा है.
जमशेदपुर : श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के निदेशक के निर्देशानुसार शहर के निजी आइटीआइ की जांच शुरू कर दी गयी है. गुरुवार को तीन सदस्यीय टीम ने हरहरगुट्टू एवं करनडीह में जाकर दो आइटीआइ का निरीक्षण किया. जांच टीम ने दोनों स्थानों की व्यवस्था को संतोषनजक नहीं पाया.
नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के निदेशक ने उपायुक्त को पत्र लिख कर जिले में चल रहे निजी आइटीआइ की जांच कराने का निर्देश दिया था. उपायुक्त ने जांच के लिए उपश्रमायुक्त एसएस पाठक, जिला योजना पदाधिकारी बी अबरार एवं भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता की टीम गठित की है. टीम को निदेशक के निर्देशानुसार निजी आइटीआइ में टीचरों की क्या क्षमता है, कितने क्षेत्रफल में संस्थान है, किस ट्रेड की ट्रेनिंग दी जाती है, कितने छात्र प्रशिक्षण ले रहे हैं, प्रशिक्षण के लिए क्या टूल्स-उपकरण हैं, संस्थान में कितने केवीए का बिजली मीटर लगा हुआ है, संस्थान मान्यता प्राप्त है या नहीं, ग्रेड के टीचर हैं या नहीं समेत अन्य बिंदुअों पर जांच करने का निर्देश दिया गया था.
जांच टीम ने प्रथम चरण में 25 निजी आइटीआइ की सूची तैयार कर बिंदुवार जवाब मांगा था, जिसमें से 12 संस्थान द्वारा जवाब दिया गया. प्रथम चरण में टीम ने जवाब देने वाले 12 संस्थानों को जांच के दायरे में रखा है. गुरुवार को टीम हरहरगुट्टू स्थित इंदिरा आइटीआइ अौर करनडीह स्थित रंभा आइटीआइ का निरीक्षण किया. टीम ने परीक्षा होने के कारण वहां चार-पांच प्रशिक्षु ही पाया.
