क्रिसमस के लिए तैयार मसीही परिवार

क्रिसमस के लिए तैयार मसीही परिवार शहर के मसीही परिवार क्रिसमस की तैयारियों में जी जान से जुट गये हैं. लोगों ने घरों के रंग-रोगन करवा लिये हैं. लाइटनिंग व साज-सज्जा का काम चल रहा है. चरनी बनाये जा रहे हैं. नये कपड़े और अन्य सामान की खरीदारी भी जोर-शोर से हो रही है. घरों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 13, 2015 7:00 PM

क्रिसमस के लिए तैयार मसीही परिवार शहर के मसीही परिवार क्रिसमस की तैयारियों में जी जान से जुट गये हैं. लोगों ने घरों के रंग-रोगन करवा लिये हैं. लाइटनिंग व साज-सज्जा का काम चल रहा है. चरनी बनाये जा रहे हैं. नये कपड़े और अन्य सामान की खरीदारी भी जोर-शोर से हो रही है. घरों में चलने वाली तैयारियों पर पढ़िए लाइफ @ जमशेदपुर की यह रिपोर्ट… —————-फोटो परिचय : चरनी तैयार करते अनिल विक्टर हेक्टर अपनी पत्नी मधुमिता हेक्टर व बच्चों एरिक तथा मरियम के साथ. (कवर फोटो) बिरसानगर निवासी अनिल विक्टर हेक्टर काम से घर लौटने के बाद परिवार के साथ अपने घर के आंगन में चरनी बनाने में जुट जाते हैं. बांस, पुआल व सुतली के सहारे बड़े ही उत्साह व उमंग से वह गोशाला बना रहे हैं. अनिल बताते हैं कि इस काम से उन्हें काफी खुशी मिलती है. पिछले 25 वर्षों से अनिल हर साल घर के प्रांगण में चरनी बनाते हैं. उसके बगल में संता क्लॉल बनाते हैं. पूरे घर को लाइटनिंग से रोशन कर देते हैं. मधुमिता हेक्टर बताती हैं कि यह त्योहार उनके लिए काफी खास है. वह इस दिन पारंपरिक पकवान बनाती हैं. इनमें रोज केक, कलकला, निमकी, डोनर, सेव व मुरकु आदि शामिल हैं. इस दिन हम तमाम गिले-शिकवे मिटाकर प्यार से चलने व जीवन जीने का संदेश देते हैं. अनिल बताते हैं कि वे 23 दिसंबर तक घर की सजावट के साथ तमाम तैयारियां पूरी कर लेंगे. ——————————फोटो : डेनियल प्रबोध अपनी पत्नी छबिला मेई नाग के साथ. टेल्को निवासी छबिला मेई नाग ने अपनी बहू ग्लोरिया के लिए नयी साड़ी खरीदी है. वह उसे यह साड़ी फॉल लगाने के बाद त्योहार के दिन भेंट करेंगी. डेनियल बताते हैं कि क्रिसमस पर परिवार के सभी सदस्यों के लिए नये कपड़े खरीदते हैं. इस त्योहार पर उनका बेटा भी घर आता है. हर साल क्रिसमस पर परिवार के सदस्य इकट्ठा होते हैं, तो काफी खुशी होती है. छबिला बताती हैं कि क्रिसमस पर कई प्रकार के पकवान बनाते हैं. इनमें सामान्य केक, रोज केक व आशा पीठा आदि शामिल हैं. पड़ोसियों व दोस्तों के साथ इनका स्वाद लिया जाता है. क्रिसमस की सुबह चर्च में जाकर प्रार्थना की जाती है. पूरे घर की लाइटनिंग की जाती है. परिवार के संग इस दिन को मनाने से न केवल यह दिन यादगार हो जाता है, बल्कि साल के सबसे खुशनुमा दिनों में से एक होता है. —————————–फोटो : पूजा स्थल के पास सजावट करतीं पुष्पा टोप्पनो, विक्टोरिया तिर्की व प्रीति चंद्रन. चरनी रखने के लिए बिरसानगर निवासी पुष्पा टोप्पनो उस जगह की सजावट कर रही हैं. वह बताती है कि क्रिसमस पर परिवार के सभी सदस्य एकजुट हो जाते हैं. इनमें बहन रूबी ललिता, विक्टोरिया तिर्की, मीरा चंद्रन व सोसन टोप्पनो तथा भाई सुधीर टोप्पनो, विनोद टोप्पनो व निर्मल टोप्पनो आदि शामिल हैं. क्रिसमस के 4 सप्ताह पहले से ही वे लोग आध्यात्मिक तैयारियों में जुट जाते हैं. घर की सजावट भी की जाती है. प्रभु यीशु के जन्म को दर्शाने वाला गोशाला का दृश्य तैयार करते हैं. 24 दिसंबर की रात परिवार के सभी सदस्यों के साथ मर्सी चर्च जाते हैं. वहां एक घंटे तक कैरल सिंगिंग होती है. उसमें शरीक होते हैं. विक्टोरिया तिर्की बताती हैं कि इस दिन का केक खास होता है. हम सभी रात से ही केक खाते हैं. अगली सुबह लोगों के घरों में जाकर पकवान देते हैं. प्रीति का कहना है कि क्रिसमस के दिन उनके कजन्स भी साथ में होते हैं. ऐसे में बचपन की यादें एक बार फिर ताजा हो जाती हैं. हम इस दिन डांस कंपीटीशन करते हैं. हमें गिफ्ट्स भी मिलते हैं. हमें इस त्योहार का काफी बेसब्री से इंतजार रहता है. —————————-नाम : पास्टर रेव अजार परीछा व मगदलिन अपने बेटे आशा किरण, अनुग्रह, नूतन व जॉन के साथ. सीतारामडेरा निवासी पास्टर रेव अजार बताते हैं कि क्रिसमस को घरों की रंगाई-पुताई हो चुकी है. जल्द ही बगिया में लगे पड़ों को क्रिसमस ट्री की तरह सजा देंगे. घर को लाइटनिंग के साथ-साथ स्टार से भी सजा देंगे. परिवार के सभी सदस्यों के लिए नये कपड़े खरीदे जायेंगे. उन्हीं कपड़ों में सभी सदस्य क्रिसमस के दिन चर्च जाएंगे. चर्च में बच्चे और बड़े नाचते-गाते खुशियां मनाते हैं. घर आने वाले मेहमान पकवान का लुत्फ उठाते हैं. मगदलिन बताती हैं कि इस दिन वह घर में रोज केक के साथ पानी मीठा व बच्चों के पसंद के व्यंजन बनाती हैं. बच्चों को संता क्लॉज के उपहारों का इंतजार रहता है.