कोरम में फंसी बाल कैदियों की जमानत

जमशेदपुर: जुविनाइल जस्टिस कोर्ट में दूसरे सदस्य के न होने से पिछले एक साल से बच्चों को जमानत नहीं मिल सकी. पीयूसीएल ने पूरे मामले की जांच कर उन तमाम बच्चों को मुआवजा देने और उनकी पढ़ाई के नुकसान की भरपाई की मांग राज्य सरकार से की है. ... पीयूसीएल ( लोक स्वातंत्र्य संगठन) की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 5, 2015 7:11 AM

जमशेदपुर: जुविनाइल जस्टिस कोर्ट में दूसरे सदस्य के न होने से पिछले एक साल से बच्चों को जमानत नहीं मिल सकी. पीयूसीएल ने पूरे मामले की जांच कर उन तमाम बच्चों को मुआवजा देने और उनकी पढ़ाई के नुकसान की भरपाई की मांग राज्य सरकार से की है.

पीयूसीएल ( लोक स्वातंत्र्य संगठन) की चार सदस्यीय टीम जवाहरलाल शर्मा, बीएन दास, आलोक कुमार, निशांत अखिलेश ने शनिवार को घाघीडीह संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया.

हाल के दिनों में कुछ बच्चों के साथ वयस्क उम्र के कैदियों द्वारा अप्राकृतिक यौनाचार की खबर आने के बाद टीम घाघीडीह संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण करने पहुंची थी. टीम के सदस्यों ने न्यायिक दंडाधिकारी निरुपम कुमार, प्रोबेशनर ऑफिसर अजय चौधरी से मुलाकात की. संप्रेक्षण गृह प्रभारी संध्या रानी के न आने पर टीम के सदस्यों ने नाराजगी जाहिर की. टीम ने डॉक्टर, बच्चों के खेलने की समुचित व्यवस्था करने, खराब टीवी को ठीक कराने के लिए पहल करने की बात कही. सदस्यों ने जल्द ही सुधार न होने पर न्यायालय की शरण में भी जाने को कहा. टीम ने एक बच्चे को हथकड़ी लगाकर पेशी के लिए ले जाने पर भी नाराजगी जतायी.