कान के इनफेक्शन से हो सकता है बहरापन भी

डॉ बी प्रसादऑडियोलॉजिस्ट एंड स्पीच थेरेपिस्टजन्म के बाद बहरापन कान के तीन हिस्सों को प्रभावित करने के कारण होता है. कान के एक्सटरनल, मीडिल व इनर इयर में समस्या के कारण यह बीमारी हो सकती है. एक्सटरनल इयर में वैक्स हो जाने के कारण व इंफेक्शन हो जाने के कारण, मीडिल इयर में पस हो […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 21, 2015 10:08 PM

डॉ बी प्रसादऑडियोलॉजिस्ट एंड स्पीच थेरेपिस्टजन्म के बाद बहरापन कान के तीन हिस्सों को प्रभावित करने के कारण होता है. कान के एक्सटरनल, मीडिल व इनर इयर में समस्या के कारण यह बीमारी हो सकती है. एक्सटरनल इयर में वैक्स हो जाने के कारण व इंफेक्शन हो जाने के कारण, मीडिल इयर में पस हो जाने के कारण व इनर इयर में नर्व में कमजोरी के कारण यह बीमारी हो सकती है. इसके कारण कोकलिया (सेन्स ऑर्गन) डैमेज हो जाता है. इसके अलावा वाइस एक्सप्लोजर (अत्यधिक आवाज) व उम्र बढ़ने के साथ भी यह बीमारी हो सकती हैं. इस बीमारी के होने से देखा गया है कि मरीज को साफ सुनायी नहीं देता है व लोगों के द्वारा कही गयी बात समझ में नहीं आती. सामान्यतौर, पर इसी प्रकार के लक्षण दिखायी देते हैं. शरीर में ऐसे लक्षण दिखायी देने पर डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए. बीमारी से बचाव के लिए जरूरी है कि लोगों को कान में होने वाले इंफेक्शन से बचना चाहिए, कान में पानी, साबुन व तेल नहीं जाने देना चाहिए. सर्दी-खांसी होने पर डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए. बीमारी : बहरापन. लक्षण : सुनाई नहीं देना और लोगों की बातें नहीं समझ में आना. बचाव : इनफेक्शन से बचना चाहिए, कान में पानी, साबुन व तेल नहीं जाने देना चाहिए. सर्दी-खांसी होने पर डॉक्टरी सलाह लें.